चंडीगढ़। पंजाब की पंचायतों के लिए मंगलवार को हुए चुनाव के दौरान हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। शाम चार बजे तक औसतन 55 प्रतिशत मतदान हुआ है। जो लोग शाम चार बजे तक कतारों में खड़े हैं उनके वोट डलवाए जाने के बाद ही मतगणना होगी। राज्य में कुल 13,937 ग्राम पंचायतें हैं। चुनाव ईवीएम की बजाय, बैलट पेपर से हो रहे हैं। बैलट पेपर पर नोटा का विकल्प भी है।
पंचायत चुनाव में 96 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस की तरफ से भी पुख्ता इंतजाम हैं। आज सुबह आठ बजे शुरू हुए मतदान के बाद पटियाला में मतदान केंद्र पर गोलियां चलने के साथ पथराव हुआ। घटना में 2 लोग घायल हो गए। आरोप है कि बाहरी लोगों ने गांव के मतदान केंद्र पर फायरिंग की।
बरनाला में पुलिस कर्मी तो फाजिल्का में अध्यापक की डयूटी पर मौत
बरनाला में पंचायत चुनाव ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस कर्मचारी की मौत हो गई। मृतक की पहचान सीनियर कांस्टेबल लक्खा सिंह (53 वर्ष) के रूप में हुई है। जगराओं के कोठे अठचक्क गांव में मतदान शुरू होते ही विवाद हो गया। लोगों के हंगामे के बाद वहां करीब एक घंटे तक वोटिंग रूकी रही। इसके अलावा जगराओं के गांव पोना और गांव डल्ला में चुनाव रद्द करने के आदेश दिए गए हैं।
पंचायत चुनाव ड्यूटी के लिए फाजिल्का से जालंधर आए एक टीचर की सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस बारे में उसके सहयोगियों को मंगलवार की सुबह मतदान से कुछ समय पहले पता चला। मानसा जिले के गांव मानसा खुर्द में बैलेट पेपर गलत छपने के कारण वोटिंग रोक दी गई। तरनतारन जिले के गांव सोहल सैण में मतदान केंद्र के बाहर गोली चली। गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया। मतदान के लिए कतार में खड़े लोगों के बीच विवाद हुआ।
जीरा के लोहके खुर्द में भी बूथ कैप्चरिंग की कोशिश हुई। वहां पर बैलट पेपरों पर स्याही डालकर वोटों को खराब किया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाकर मामला सुलझाया गया।