तेल अवीव | लेबनान के हिजबुल्लाह संगठन ने रविवार रात इजराइल के मिलिट्री बेस पर हमला किया है। इजराइल डिफेंस फोर्स के मुताबिक इस हमले में 4 सैनिकों को मौत हो गई है और कम से कम 58 सैनिक घायल हुए हैं। इनमें 7 गंभीर रूप से घायल हैं।
यह हमला राजधानी तेल अवीव से 40 मील दूर हैफा जिले के बिनयामिना टाउन में हुआ है। इजराइल ने कहा है जिन सैनिकों की मौत हुई हम उनके परिवार वालों के साथ हैं। हम नहीं चाहते कि ऐसे मौके पर कोई अफवाह फैलाए और घायलों के नाम उजागर करे।
इजराइल ने गाजा के स्कूल पर मिसाइल दागी, 22 की मौत
इजराइली मिलिट्री के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने कहा कि हम इस घटना की जांच कर रहे हैं। कोई भी ड्रोन बिना किसी वॉर्निंग के इजराइली हवाई सीमा के अंदर कैसे आ सकता है। हम इसकी जांच कर रहे हैं। हमें बेहतर सुरक्षा करनी चाहिए थी।
उधर, इजराइल ने भी सोमवार सुबह सेंट्रल गजा के स्कूल में एयर स्ट्राइक की है। इस हमले में 22 लोगों की मौत हुई है। गजा में पिछले 1 साल से जारी इजराइली हमलों में 42 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
1 हफ्ते से लेबनान में इजराइली हमले तेज
13 अक्टूबर: इजराइली टैंक लेबनान में UN बेस में घुसे
- लेबनान के रामिया में मौजूद यूनाइटेड नेशन्स के बेस पर 13 अक्टूबर को इजराइली सेना ने हमला किया। इजराइली सेना के 2 टैंक बेस का मेन गेट तोड़कर परिसर के अंदर घुस गए। घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है।
- जिस दौरान इजराइली टैंक बेस में घुसे, उस समय बेस पर मौजूद पीसकीपर्स शेल्टर्स में मौजूद थे। पीसकीपर्स ने जब उनका विरोध किया, तो 45 मिनट के बाद इजराइली सैनिक बेस से बाहर निकल गए।
- बेस से 100 मीटर के नजदीक ही गोलीबारी भी हुई, जहां से भारी धुआं उठ रहा था। ये धुआं बेस में घुस रहा था, जिसकी वजह से 15 पीसकीपर्स को आंखों में जलन और सांस संबंधी तकलीफो का सामना करना पड़ा।
13 अक्टूबर: हिजबुल्लाह फाइटर ने सरेंडर किया
- इजराइली सेना ने 13 अक्टूबर को दक्षिणी लेबनान में अंडर ग्राउंड बंकर से एक हिजबुल्लाह फाइटर को पकड़ने का दावा किया है। IDF के मुताबिक उसके पास हथियार भी थे।
- उसे पूछताछ के लिए इजराइल ले जाया गया है। हिजबुल्लाह फाइटर के सरेंडर करने का एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें वो सिर्फ अंडर वियर में दिखाई दे रहा है।
12 अक्टूबर: इजराइली हमले में लेबनान के 13 लोगों की मौत
- इजराइल ने 12 अक्टूबर को लेबनान के 2 कस्बों पर भी हमले किए। इनमें एक 'बारजा' बेरूत से 32 किलोमीटर दूर है, जहां ज्यादातर सुन्नी आबादी वाले लोग रहते हैं। इजराइल के हमले में यहां 4 लोग मारे गए। हिजबुल्लाह शियाओं का संगठन हैं इसके चलते लेबनान जंग में इजराइल ने अब तक शिया इलाकों को निशाना बनाया था।
- अमेरिकी मीडिया हाउस के मुताबिक सुन्नी कस्बे पर हमला पहली बार हुआ है। वहीं, उत्तरी लेबनान के मायसरा में भी इजराइली हमले में 9 लोगों की मौत हुई है। दूसरी तरफ इजराइल ने दावा किया है हिजबुल्लाह ने शनिवार को उन पर 300 प्रोजेक्टाइल (छोटी मिसाइलें) दागी हैं।
ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है इजराइल
ईरान ने हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की मौत का बदला लेने के लिए 1 अक्टूबर को इजराइल पर 200 मिसाइलें दागी थीं। अमेरिका को शक है कि इसका बदला लेने के लिए इजराइल अब ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। अमेरिकी मीडिया हाउस NBC ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से ये जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका को नहीं लगता कि इजराइल पलटवार में ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों को निशाना बनाएगा। हालांकि, ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रकचर पर अटैक की आशंका भी जताई गई है। वहीं, ईरान ने अमेरिका और मिडिल ईस्ट के कुछ देशों को कहा है कि अगर इजराइल ने हमला किया तो वे जवाब जरूर देंगे। ईरान से तनातनी के बीच नेतन्याहू आज फिर से कैबिनेट की मीटिंग करेंगे। इसमें ये चर्चा की जाएगी कि ईरान के 1 अक्टूबर को किए गए हमले पर पलटवार कैसे करें। इससे पहले शुक्रवार को भी एक बैठक हुई थी। हालांकि, उसमें कोई फैसला नहीं हो पाया था।
दावा- ईरान के साथ इजराइल पर हमला करना चाहता था हमास
हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर को इजराइल पर जो हमला किया उसकी साजिश 2 साल पहले 2021 में ही रची जा चुकी थी। हमास ने ईरान और हिजबुल्लाह को भी हमले में साथ देने की अपील की थी। अमेरिकी मीडिया हाउस न्यूयॉर्क टाइम्स ने इजराइली सेना के हाथ लगी हमास की मीटिंग के दस्तावेजों के आधार पर ये खुलासा किया है। दावा किया है कि उन्हें हमास की 10 बैठकों की जानकारी मिली है।
इनमें से एक बैठक ईरानी कमांडर मोहम्मद सईद इजादी और हमास के सीनियर अधिकारियों और हिजबुल्लाह के बीच हुई थी। दावा किया गया है कि हमास ने इजादी और हिजबुल्लाह से इजराइल के अहम ठिकानों पर हमला करने के लिए साथ देने की बात कही थी।
इस पर इजादी और हिजबुल्लाह ने कहा था कि वे इजराइल पर हमले के उद्देशय का समर्थन करते हैं लेकिन हमले के लिए माहौल बनाने में समय लगेगा। ईरान और हिजबुल्लाह ने इन आरोपों को खारिज किया है। ईरान ने कहा है कि ये डॉक्यूमेंट्स में कोई सच्चाई नहीं है। हमास के 7 अक्टूबर के हमले की प्लानिंग के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।