चंडीगढ़ | राज्य में संगठित अपराध को बड़ा झटका देते हुए, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पंजाब ने बठिंडा पुलिस के साथ मिलकर साझा तौर पर कार्रवाई करते हुए जस्सा बुरज गैंग के सरगना जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा और उसके तीन साथियों को .32 बोर की चार पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर संभावित डकैती की एक वारदात को नाकाम किया है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने आज यहां बताया कि पकड़े गए तीनों साथियों की पहचान करनवीर सिंह उर्फ करनी (गुलाबगढ़ गांव), रेशम सिंह (चठा गांव) और हरदीप सिंह उर्फ अर्शी (सेखू गांव) के रूप में हुई है। उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड है और वे हथियारों की आपूर्ति, लूट, अपहरण और अन्य अपराधों में शामिल रहे थे।
जांच के बाद पता चला कि आरोपी बठिंडा के एक फाइनेंसर को निशाना बनाकर डकैती की योजना बना रहे थे: डीजीपी गौरव यादव
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए, एडीजीपी प्रमोद बान की समूची निगरानी में एजीटीएफ की टीमों और बठिंडा पुलिस ने बठिंडा के रिंग रोड से आरोपियों को दबोच लिया और उनके कब्जे से हथियार बरामद किए। पुलिस टीमों का नेतृत्व डीएसपी एजीटीएफ जसपाल सिंह, डीएसपी सिटी-2 सरबजीत सिंह और सीआईए-2 बठिंडा के इंचार्ज इंस्पेक्टर करनदीप सिंह कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि आरोपी बठिंडा जिले के रामा मंडी इलाके में एक फाइनेंसर को निशाना बनाकर डकैती की योजना बना रहे थे। डीजीपी ने कहा कि आगे की जांच जारी है ताकि उनके पिछले अपराधों और संबंधों का पता लगाया जा सके। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए एसएसपी बठिंडा अमनीत कोंडल ने बताया कि आरोपी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा और उसके साथियों को पिछले महीने डीएवी कॉलेज बठिंडा में हुई हिंसक घटना में भी शामिल पाया गया था। उन्होंने आगे बताया कि आरोपी जसप्रीत उर्फ जस्सा पर कम से कम 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
उल्लेखनीय है कि बठिंडा के थाना कैंट में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 111 के तहत एफआईआर नंबर 79, तारीख 03/10/2024 दर्ज की गई है।वह अफगानिस्तान 2.0 बन जाएगा। वहां के उग्रवादी भारत और दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी फैलने लगेंगे।"
बांग्लादेश में 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से हिंदुओं पर हमले बढ़ गए हैं। पिछले कुछ समय में सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 लाख हिंदुओं के खिलाफ हिंसा, अपहरण, लिंचिंग और संपत्ति जब्त करने जैसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ आया यहूदी समाज
अमेरिका में यहूदी समुदाय ने हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ एकजुटता दिखाई है। गीता संघ के सदस्य सुरजीत चौधरी ने बांग्लादेशी सरकार से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को रोकने और राजनीतिक मतभेदों को लोकतांत्रिक तरीके से हल करने की अपील की। इसके अलावा हिंसा बंद होने तक अमेरिकियों से बांग्लादेशी परिधानों का बहिष्कार करने की भी अपील की गई। वॉलमार्ट, एच एंड एम और गैप इंक जैसी प्रमुख कंपनियों से भी शिपमेंट रोकने के लिए अपील की जा रही है।
यूनुस ने कहा था- अल्पसंख्यकों पर हमलों की रिपोर्ट बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई
बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस ने 17 अगस्त को PM मोदी से फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यकों पर हमलों की रिपोर्ट को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उन्होंने स्थिति को जांचने के लिए भारतीय पत्रकारों को देश का दौरा करने और वहां पर से घटना की रिपोर्टिंग करने के लिए आमंत्रित किया था।
PM मोदी के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने पर यूनुस ने कहा था कि उनकी सरकार अल्पसंख्यकों समेत देश के सभी नागरिकों की सुरक्षा के लिए कमिटेड है। बांग्लादेश में स्थिति अब नियंत्रण में है और देश में जनजीवन सामान्य हो रहा है।
यूनुस के दावे और जमीनी हकीकत में अंतर
एक और मुहम्मद यूनुस दावा कर रहे हैं कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है, जबकि हकीकत यह है कि हिंसक प्रदर्शनों में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले लगातार बढ़े हैं। हिंदुओं पर हमले के 200 से अधिक मामले सामने आए चुके हैं। उनके घर और मंदिरों को तोड़ा और जलाया गया है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अगस्त में इसके लिए माफी भी मांगी थी। गृह मंत्रालय के सलाहकार रिटायर्ड ब्रिगेडियर जनरल सखावत हुसैन ने कहा था कि हम हिंदू समुदाय की रक्षा करने में असफल रहे। हम हिंदू समुदाय से माफी मांगते हैं।