यरुशलम | अमेरिकी की चेतावनी के बाद भी ईरान ने पूरे इजराइल पर मंगलवार की देर रात 10 बजे 180 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, इसमें अब तक बड़े नुकसान की खबर नहीं है। तेल अवीव में 2 नागरिक घायल हुए हैं।
ये हमले पूरे इजराइल पर 30 मिनट तक किए गए। इस दौरान नागरिकों को बम शेल्टर में जाने को कहा गया। हमले के बाद ईरान ने कहा कि नसरल्लाह की शहादत का यह पहला बदला है। यह तो अभी शुरुआत है। दरअसल, 27 सितंबर को इजराइल ने बेरूत में हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर पर हमला किया था। इसमें हिजबुल्लाह का चीफ हसन नसरल्लाह मारा गया था।
इजराइली सेना के प्रवक्ता डैनियल हागारी ने कहा कि इस हमले का नतीजा भुगतना होगा। हमारे पास प्लान है और हम अपनी मर्जी के मुताबिक समय और स्थान तय करके कार्रवाई करेंगे। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिका सेना को इजराइल की मदद करने को कहा।
बोला : नसरल्लाह की शहादत का पहला बदला, नेतन्याहू बोले- ईरान को इसकी कीमत चुकानी होगी
अमेरिका ने शाम 7 बजे ईरान के हमले का दावा किया था। अमेरिका ने ईरान से कहा था कि अगर हमला किया तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। उधर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया X पर लिखा, 'ईरान ने आज रात एक बड़ी गलती की और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।'
हमले के बीच बाइडेन ने इमरजेंसी बैठक की
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उप राष्ट्रपति कमला हैरिस और नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक की। इस बैठक में ईरान के इजराइल पर हमले की चर्चा की गई। साथ ही इजराइल को इस हमले से कैसे बचाया जाए और इजराइल में फंसे अमेरिकियों की मदद की क्या तैयारी है, इस पर बात हुई।
ईरान ने इस साल अप्रैल में इजराइल पर हमला किया था
इससे पहले ईरान ने इस साल अप्रैल में इजराइल पर हमला किया था, लेकिन इजराइल ने अमेरिका, जॉर्डन और अन्य देशों की मदद से ईरान की तरफ से दागी गई सैकड़ों मिसाइलों और ड्रोन को पूरी तरह नाकाम कर दिया था। अमेरिका ने तब इजराइल से संयम बरतने को कहा था, जिसके चलते इजराइल ने ईरान की कुछ न्यूक्लियर फैसेलिटीज के पास एक एयर बेस पर हमला किया, लेकिन उन फैसेलिटीज को निशाना नहीं बनाया।