न्यूयॉर्क | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका दौरे के तीसरे दिन स को संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेंबली के समिट ऑफ द फ्यूचर को संबोधित किया। लगभग 4 मिनट के भाषण में PM मोदी ने दुनिया के सुरक्षित भविष्य को लेकर भारत का पक्ष रखा।
उन्होंने UN से विश्व की बड़ी संस्थाओं में बदलाव की मांग की। मोदी ने कहा, मानवता की सफलता मिलकर काम करने में है। जंग के मैदान में नहीं। दुनिया की शांति के लिए वैश्विक संस्थाओं में बदलाव जरूरी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा
मोदी ने भाषण की शुरुआत नमस्ते कहकर की। उन्होंने कहा, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और उसके 140 करोड़ लोगों की तरफ से आपको नमस्कार। जून में मानव इतिहास के सबसे बड़े चुनाव में लोगों ने मुझे तीसरी बार सेवा का मौका दिया। मैं उनकी बात रखने यहां आया हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन का नाम लिए बिना मैरिटाइम रूट्स पर बढ़ते खतरों का भी जिक्र किया। दरअसल, चीन ने हाल ही के सालों में हिंद महासागर और प्रशांत महासागर इलाके में अपने मौजूदगी को बढ़ाया है। भारत इस तरह के विस्तारवाद की निंदा करता है।
न्यूयॉर्क में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिले मोदी
मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी मुलाकात की। करीब एक महीने में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात है। मोदी 23 अगस्त को यूक्रेन दौरे पर जेलेंस्की से मिले थे। मोदी ने न्यूयॉर्क में जेलेंस्की से मुलाकात की तस्वीर X पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा- हम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए पिछले महीने मेरी यूक्रेन यात्रा के फैसलों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैंने यूक्रेन में संघर्ष के जल्दी समाधान, शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत का समर्थन दोहराया।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मोदी और जेलेंस्की की द्विपक्षीय बैठक पर कहा, 'तीन महीने के दौरान दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी बैठक है। द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े मुद्दों पर उनकी चर्चा हुई। जेलेंस्की ने संघर्ष से बाहर निकलने का रास्ता खोजने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से किए जा रहे प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। जेलेंस्की ने मोदी के यूक्रेन यात्रा की भी सराहना की।