मजीठा,25 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के बीच छिड़ा वाकयुद्ध गहराता जा रहा है। सिद्धू ने बुधवार को मजीठिया के गढ़ मजीठा में न सिर्फ उन्हें ललकारा, बल्कि घोषणा की कि जब तक मजीठिया को जेल में नहीं डाला जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए रैली निकालनी पड़ी तो भी परहेज नहीं किया जाएगा।
सिद्धू विधानसभा हलका मजीठा में सुखजिंदर राज सिंह लाली मजीठिया की अध्यक्षता में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस की हुई जीत के जश्न को लेकर रखी गई जनसभा में सिद्धू ने मजीठिया को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
कुत्तों, बिल्लियों व पालतू जानवरों पर लगाए गए टैक्स पर मजीठिया द्वारा उन्हें घेरने के जवाब में उन्होंने कहा कि जब से मैंने इसे डब्बू कहा है, तब से उसे कुत्तों-बिल्लों की चिंता होने लगी है। उन्होंने कहा कि सारा पंजाब जानता है कि चिट्टे का सरगना कौन था। जरनैल वह होता है, जिसका दामन पाक और साफ हो। जरनैल वह नहीं होता जो लोगों के बीच जाकर चिट्टे की पुडिय़ा बेचे। इसलिए जरनैल चेंज। इतना कहने के साथ ही उन्होंने डेरा बाबा नानक से कांग्रेस के विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा उर्फ सुखी रंधावा को कांग्रेस का माझा का जरनैल घोषित कर दिया।
उन्होंने कहा कि मजीठिया को जेल भेजने वाला अभियान सुखी रंधावा के नेतृत्व में ही चलेगा और इसकी रूपरेखा वही तय करेंगे। सिद्धू ने कहा कि खुद को माझा का जरनैल कहलाने वाले मजीठिया गुरदासपुर चुनाव में जिस हलके का भी इंचार्ज बने, वह हलका 30 से 45 हजार वोटों से हारा, जबकि भाजपा के हलके 7 से 8 हजार हारे। इससे साफ है कि अब जरनैल कौन है।
सिद्धू ने पिछले दस वर्षों में हुए पंजाब के विकास और बादल परिवार के विकास के लिए सुखबीर सिंह बादल को बहस की खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे इसमें हार गए तो राजनीति छोड़ देंगे।
गुरदासपुर विजय का जश्न मजीठा में क्यों मनाया जा रहा है, के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पंजाब में जितना जुल्म हुआ, उसका केंद्र यही रहा है। जुल्म का वह सरगना रहे हैं। वह सुखबीर बादल के साले हैं, इसलिए पहली बार जीते विधायक को मंत्री बना दिया गया। उसके लिए सीनियर अकाली नेता रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा को खुड्डे लाइन लगाया गया। डॉ. रतन सिंह अजनाला को घर बिठा दिया गया। सुखदेव सिंह ढींडसा को मजीठिया ने उनके घर में जाकर हरवाया।
सिद्धू ने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार से सिफारिश की है कि श्री दरबार साहिब के द्वार सभी धर्मों के लिए खुले हैं। यहां की लंगर सेवा हर किसी के लिए है। वहीं, मानवता के लिए अमृत, मार्गदर्शक गुरु साहिबान का बाणी का प्रचार एक ही चैनल तक सीमित क्यों है। वह सेटेलाइट के माध्यम से गुरबाणी का प्रसारण घर-घर तक यकीनी बनाएं। हर चैनल पर यह प्रसारण होना चाहिए।