चंडीगढ़,25 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अमृतसर में जून 2015 में शिअद नेता मुखजीत सिंह उर्फ मुक्खा फर्जी मुठभेड़ मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने पर पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद पंजाब सरकार हरकत में आई और तुरंत प्रभाव से दोषी आठ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। इनमें एक एसआइ, एक एएसआइ, चार हेड कांस्टेबल व दो कांस्टेबल शामिल हैं। जस्टिस आरके जैन ने मामले की सुनवाई के दौरान सरकार के अधिवक्ता से पूछा कि दोषी पुलिस कर्मियों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। इस पर उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पर कोर्ट ने पूछा, इनमें से किसी को अब तक गिरफ्तार किया है या नहीं। कोई जवाब नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने एडवोकेट जनरल अतुल नंदा को हाजिर होने का आदेश दिया।
इसके बाद एडवोकेट जनरल ने हाईकोर्ट को बताया कि आठ दोषी पुलिस कर्मियों में से चार को निलंबित कर दिया है। इस पर जस्टिस जैन ने कहा कि यह कोई आम फर्जी मुठभेड़ का मामला नहीं है। इस में मुक्खा पर एके-47 से पुलिस कर्मियों ने ही 26 गोलियां चलाई हैं। दोषियों पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। कोर्ट की फटकार के बाद चार और पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया।
हरजीत कौर के वकील महिंदूर कुमार ने बताया कि एसआइटी ने मुठभेड़ में आठ पुलिस कर्मियों को दोषी करार दिया था और पिछले वर्ष अगस्त में उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमृतसर पुलिस कमिश्नर को तलब किया था। इसके बाद भी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
कोर्ट ने पूछा- क्या सरकार के पास माली के अलावा कोई नौकरी नहीं
हाईकोर्ट ने मुक्खा की विधवा हरजीत कौर को माली की नौकरी का प्रस्ताव देने पर सरकार को फटकार लगाई। पूछा, क्या सरकार के पास पीड़िता के लिए कोई और नौकरी नहीं है।g