अमृतसर,24 अक्तूबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) दीपावली बीत गई, पर ईएसआइ कार्ड धारकों पर लक्ष्मी की कृपा नहीं हुई। ईएसआइ अस्पतालों के जरिए अपना व अपने परिजनों का उपचार करवाने वाले बीमा कार्ड धारक पिछले सात महीनों से खर्च हुई राशि हासिल करने के लिए भटक रहे हैं। खास बात यह है कि ईएसआइ विभाग ने सितंबर तक के बिल खजाना दफ्तर में भेज दिए हैं, लेकिन खजाने का द्वार बंद होने की वजह से पेमेंट जारी नहीं हो रही। दरअसल, ईएसआइ कार्ड धारकों के तकरीबन पौने तीन करोड़ रुपये के बिल खजाने में बंद हैं। कार्ड धारकों को हर रोज ईएसआइ अस्पताल में एड़ियां रगड़नी पड़ रही हैं। ईएसआइ अस्पताल का बेबस स्टाफ उन्हें खजाना बंद होने की बात कह रहा है, पर कार्ड धारक उन पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
ईएसआइ अस्पताल अमृतसर को जोनल अस्पताल का दर्जा प्राप्त है। इसके अंतर्गत कुल 9 डिस्पेंसरियां आती हैं, जिनमें अबोहर, तरनतारन, गोइंदवाल साहिब, पठानकोट, बटाला, धारीवाल, दीनानगर, वेरका व छेहरटा शामिल हैं। तकरीबन 1.50 लाख कार्ड होल्डर हैं, जिनके परिवारों का उपचार इन्हीं डिस्पेंसरियों में होता है। 30 सितंबर 2017 तक के ईएसआइ अस्पताल की ओर से तकरीबन पौने तीन करोड़ के मेडिकल बिल पास करके खजाना दफ्तर में भेजे गए। अक्टूबर बीतने को है, पर कार्ड धारकों के अकाउंट में राशि नहीं पहुंची। छेहरटा निवासी विजय कुमार का कहना है कि उसने अपने पिता का उपचार ईएसआइ अस्पताल से रैफर करवाकर एक निजी अस्पताल में करवाया था। कुल सत्तर हजार रुपये खर्च हुए थे। इसका क्लेम लेने के लिए ईएसआइ अस्पताल में सभी औपचारिकताएं पूरी कीं, लेकिन तीन महीने बीतने पर भी भुगतान नहीं मिला। दीपावली तक खजाना खुलने की बात कही जा रही थी। अब इंतजार की हद खत्म हो रही है। ऐसी सुविधा का क्या करना जब समय पर ही पैसे ही नहीं मिलते।
गौरतलब है कि प्रतिवर्ष ऐसी समस्या उत्पन्न हो जाती है जब कार्ड धारकों का भुगतान खजाने में अटक जाता है। पिछले वर्ष भी महीनों तक लोगों को भुगतान नहीं मिला।
वित्त विभाग से क्लीयर करवा रहे हैं पेमेंट : डॉ. जसपाल
ईएसआइ विभाग पंजाब की डायरेक्टर डॉ. जसपाल कौर का कहना है कि कार्ड धारकों की परेशानी का उन्हें अहसास है। इस समस्या का समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। वह विभाग की प्रिसिपल सेक्रेट्री से बात कर रही हैं। वित्त विभाग की ओर से पैसा न आने की वजह से मेडिकल बिल क्लीयर नहीं हो पा रहे।
प्रयास कर रहे हैं : डॉ. दिलबाग
ईएसआइ अस्पताल के कार्यकारी मेडिकल सुप¨रटेंडेंट डॉ. दिलबाग का कहना है कि खजाने से बिल क्लीयर करवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। बिलों को जमा करवाकर उनके टोकन नंबर भी ले लिए गए हैं। खजाना कार्यालय की ओर से जैसे ही राशि जारी होगी, लाभार्थियों को उपलब्ध करवा दी जाएगी।