चंडीगढ़। अकाल तख्त साहिब से शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को तनखैया करार दिए जाने के बाद शनिवार को वह एक सामान्य सिख की भांति अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए। सुखबीर बादल ने अपनी सरकार में मंत्री रहे दलजीत सिंह चीमा व अन्य नेताओं के साथ दरबार साहिब में माथा टेका। इसके बाद वह अकाल तख्त साहिब सचिवालय में गए। वहां उन्होंने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह के स्टाफ को अपना स्पष्टीकरण सौंपा।
अब पांच सिंह साहिबान सुनाएंगे धार्मिक सजा, बादल सरकार के चार मंत्रियों ने भी सौंपा स्पष्टीकरण
बादल में सरकार के कार्यकाल में हुए बेअदबी व अन्य घटनाओं के अलावा बादल सरकार में लिए गए फैसलों को लेकर पांच सिंह साहिबानों की बैठक में शुक्रवार को सुखबीर बादल को दोषी करार दिया गया था। अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने सुखबीर बादल को 15 दिन के भीतर पेश होने के लिए कहा था। सुखबीर बादल को जत्थेदार के हुक्मनामे की प्रति आज सुबह मिली और वह तुरंत ही दरबार साहिब पहुंच गए। सुखबीर बादल के अलावा पूर्व बादल सरकार में मंत्री रहे दलजीत सिंह चीमा, गुलजार सिंह राणिके, शरणजीत सिंह ढिल्लों तथा महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल ने भी अपना स्पष्टीकरण अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जमा करवाते हुए आग्रह किया है कि पांचों तख्तों के सिंह साहिबान जल्द बैठक बुलाकर उनके लिए अगला आदेश जारी करें।