चंडीगढ़ | शिरोमणी अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा की सांसद बीबा हरसिमरत कौर बादल ने आज केंद्रीय विदेश मंत्री डाॅ. जयशंकर से कतर में पुलिस हिरासत से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के दो स्वरूपों को छुड़वाने का मुददा उठाने की अपील की है।
केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में बठिंडा सांसद ने कहा कि करीब आठ महीने पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब के दो स्वरूपों को किस तरह से जब्त किए जाने से कतर की सिख संगत इस बात से बेहद दुखी है । उन्होने कहा कि पिछले करीब 35 सालों से दोहा में दो अलग-अलग जगहों पर पवित्र ग्रंथ का प्रकाश किया जा रहा है।
मंत्री से कतर में गुरुद्वारों की स्थापना का मुददा भी उठाने का आग्रह किया ताकि सिख अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन कर सकें
यह कहते हुए कि पवित्र ग्रंथों को केस की संपत्ति के रूप में माना जा रहा है, बीबा बादल ने कहा कि दोहा की ‘संगत’ पवित्र ग्रंथों को राज्य की हिरासत से छुड़वाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन कोई फायदा नही हुआ। उन्होने कहा, इससे कतर और अन्य जगहों पर सिख बेहद परेशान और दुखी हैं।
बीबा बादल ने इसका समाधान करने के लिए केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए डाॅ. जयशंकर से कतर में ‘गुरुद्वारों ’ की स्थापना का मुददा भी उठाने की अपील की ताकि सिख अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन कर सकें। उन्होने कहा, सिखों का मानना है कि उन्हे भी ईसाइयों की तरह गुरुद्वारें में पूजा करने की अनुमति दी जानी चाहिए, जैसे कि पड़ोसी देश दुबई(यूएई) सहित कुछ अन्य इस्लामी देशों में गुरुद्वारों की अनुमति दी गई है। उन्होने कहा कि कतर सरकार से सिख समुदाय को कतर में उसी तर्ज पर अपने गुरुद्वारे स्थापित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया जा सकता है।
बीबा हरसिमरत कौर बादल ने यह भी आग्रह किया कि विदेश मंत्री कतर में भारतीय दूतावास को यह मुददा कतर सरकार के समक्ष उठाने का निर्देश दें ताकि पवित्र ग्रंथ के ‘दो स्वरूपों ’ के विमोचन की सभी औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। उन्होने कहा, दूतावास को कतर में सिखों को यह आश्वासन देना चाहिए कि वह यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करेगा कि उन्हे वहां अपने धर्म का पालन करने की पूरी आजादी दी जाएगी।