चंडीगढ़ | शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आज मुख्यमंत्री भगवंत मान से राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण संबंधी सभी लंबित मुददों का समाधान के साथ किसानों को उनकी मांगों के अनुसार जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा प्रदान करने की मांग की तथा साथ ही 3,303 करोड़ रूपये की तीन राजमार्ग परियोजनाओं को समाप्त करने के आदेशों की समीक्षा करने और 4,942करोड़ रूपये की चार अन्य परियोजनाओं जिन्हे समाप्त किया जाना निर्धारित किया गया उनको बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है।
अकाली दल अध्यक्ष ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा तीन राजमार्गों को अभूतपूर्व रूप से बंद करने और चार और को बंद करने की प्रक्रिया पर हैरानी प्रकट करते हुए कहा, राज्य के इतिहास में ऐसी अभूतपूर्व कार्रवाई कभी नही हुई। इस स्थिति के लिए पूरी तरह से मुख्यमंत्री भगवंत मान जिम्मेदार हैं। उन्होने अपनी जमीन अधिग्रहण के लिए आंदोलन करने वाले किसानों से मिलने से साफ इंकार कर दिया और यहां तक कि किसानों को मुआवजा देने और पुरस्कार वितरण करने में अत्यधिक देरी की है।
मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहते हुए बादल ने कहा, आम आदमी पार्टी को पंजाब को बताना चाहिए कि वह 3700 करोड़ रूपये के वितरण को लंबित रखकर तथा 845 हेक्टेयर जमीन के लिए मुआवजे की घोषणा न करके राज्य के विकास के रास्ते में आड़े क्यों आ रही है।
बादल ने मुख्यमंत्री से पूर्व मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल से सीखने के लिए कहा, जिन्होने 2016 में पटियाला में दक्षिणी बाईपास के लिए अधिग्रहित जीमन के लिए किसानों को 1.93 करोड़ रूपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया था। उन्होने कहा, अब सात साल से अधिक समय के बाद आप सरकार किसानों को उत्तर बाईपास के लिए केवल 30 लाख रूपये प्रति एकड़ का बेसिक मूल्य दे रही है। उन्होने कहा कि किसानों के साथ न्याय करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए, जो उत्तरी बाईपास के लिए 300 एकड़ के लिए 2.88 एकड़ के लिए 2.88 करोड़ रूपये प्रति एकड़ बेसिक मूल्य की मांग कर रहे हैं। उन्होने कहा, राज्य के अन्य हिस्सों में यही स्थिति है, आप सरकार किसानों को बहुत ही कम मूल्य की पेशकश कर रही है, जिससे राज्य के विकास से जुड़ी हुई अत्यंत महत्वपूर्ण राजमार्ग परियोजनाओं को खतरे में डाल दिया है।
बादल ने मुख्यमंत्री से सभी प्रचार अभियायों को बंद कर स्थिति की समीक्षा करने के लिए कहते हुए कहा कि किसानों की मांग के अनुसार समयबद्ध पुरस्कार और फंड जारी करना सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होने कहा, मुख्यमंत्री को तीन परियोजनाओं के समाप्ति आदेशों की समीक्षा के लिए तत्काल मामला बनाना सुनिश्चित करना चाहिए कि जिन चार अन्य प्रोजेक्टों का समाप्त किया गया, उन्हे तत्काल बहाल किया जाए।
इस बात पर जोर देते हुए कि चारो ओर से जमीन से घिरे हुए राज्य के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण राजमार्ग विकास की कूंजी है, बादल ने मुख्यमंत्री से कहा, पूर्ववर्ती अकाली दल सरकार ने राजमार्ग विकास को अपनी पहली प्राथमिकता बनाया और 30 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं को सफलतापूर्वक विकसित किया था। उन्होने सलाह देते हुए कहा, आपको इसे नकारने के बजाय इस विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए।