चंडीगढ़। दरबार साहिब की परिक्रमा में गुजरात की एक युवती द्वारा योगा करने को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब दरबार साहिब परिसर में वीडियोग्राफी पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने संगत के नाम जारी संदेश में कहा है कि दरबार साहिब में बड़ी संख्या में संगत माथा टेकने आती है। संगत को गुरुद्वारा साहिब की मर्यादा के बारे में बहुत कम जानकारी है। संगत से अपील है कि श्री दरबार साहिब में फोटो न खींचें। कई फिल्में रिलीज होती हैं। फिल्म रिलीज होने से पहले टीम दरबार साहिब में माथा टेकने आती है। उनके साथ वीडियोग्राफी टीम भी होती है। अब ऐसी वीडियोग्राफी नहीं होगी। अगर कोई व्यक्ति संगत के तौर पर दरबार साहिब आता है तो वह माथा टेक सकता है और अरदास कर सकता है, लेकिन फिल्मों का प्रचार दरबार साहिब में नहीं होगा।
इस बीच एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ने इस पवित्र तख्त की स्थापना करके संगत को आशीर्वाद दिया है। अकाल तख्त साहिब मीरी पीरी के सिद्धांत का प्रतीक है जिसका सिख जगत में बहुत सम्मान है।