-विदेशियों की नजर में गुरुग्राम है बेहतर चिकित्सा हब
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-45 में गुरुवार को हीलिंग पैथ अस्पताल का शुभारंभ हुआ। डा. शैफाली गंभीर सचदेवा द्वारा संचालित इस अस्पताल के उद्घाटन अवसर पर डब्ल्यू-प्रतीक्षा अस्पताल गुरुग्राम की निदेशक ओबी-गायनीक्लॉजिस्ट डा. रागिनी अग्रवाल, एए डर्मा साइंस के निदेशक डा. अनिल अग्रवाल, हर्बोजिन उडान के चेयरपर्सन डा. चंदन काचरू ने अतिथि के रूप में पहुंचे।
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अस्पताल की संचालक डा. शैफाली गंभीर सचदेवा ने कहा कि कोरोना ने देश-दुनिया को प्रभावित जरूर किया है, लेकिन चिकित्सा जगत के प्रयासों से कोरोना पर नियंत्रण भी हुआ है। हर वह कर्मचारी, डॉक्टर, नर्स व अन्य स्टाफ सेल्यूट के काबिल हैं, जिन्होंने कोरोना में अपनी जान गंवाई है। बहुत से कोरोना संक्रमित होकर भी मैदान में डटे हैं। ऐसे योद्धाओं की बदौलत ही कोरोना को काफी हद तक काबू कर लिया गया है। डा. रागिनी अग्रवाल ने कहा कि गुरुग्राम हेल्थकेयर का हब बन चुका है। निरंतर यहां इस क्षेत्र में बढ़ोतरी भी हो रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा का पेश बहुत ही संवेदनशील है। इसलिए इस क्षेत्र से जुड़े लोगों में पॉजिटिविटी के साथ पेशियंस बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बीमारियां बहुत पनप रही हैं। हमें देश को स्वस्थ बनाए रखने के लिए बारिकी से इन पर काम करना है। डा. अनिल अग्रवाल व डा. चंदन काचरू ने कहा कि हम सबके कंधों पर मरीजों को ठीक करने की जिम्मेदारी होती है। इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ किया जाना चाहिए। देश-दुनिया गत लगभग दो वर्षों से कोरोना महामारी से जूझ रही है। इस दौर में चिकित्सा जगत ने जो काम किया है, वे बहुत ही सराहनीय है। अपनी जान की बाजी लगाकर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हर व्यक्ति ने मरीजों को ठीक करने का काम किया है।
डा. शैफाली गंभीर सचदेवा ने बताया कि अस्पताल में कोई भी ज्वायंट पेन संबंधी समस्या, मास्क्यूलर एवं फेसियल समस्या, नसों संबंधित समस्या, ट्रोमा एवं पोस्ट सर्जिकल केयर, ब्लड सर्कुलेशन संबंधी समस्या, गर्भादान एवं महिलाओं की अन्य समस्याओं के अलावा फिजियोथैरेपी, ऑस्टियोपैथी, न्यूरो-रेहब, गैरियेट्रिक रेहब समेत अनेक बीमारियों का यहां वाजिब उपचार होगा।
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