जीरकपुर। जीरकपुर शहर को बसे भले ही कई साल हो चुके हैं लेकिन आज भी यहां के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। प्रशासन की अनदेखी के चलते जीरकपुर में अवैध निर्माणों की भरमार है और जगह-जगह प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जे करके पूरे शहर को अव्यवस्थित कर दिया गया है।
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शहर के विभिन्न हिस्सों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को ज्वांइट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखदेव चौधरी के नेतृत्व में शहर के दर्जनों लोग नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप तिवारी, एसडीओ दमन दविंदर तथा एक्शियन मुकेश राय से मिले।
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बैठक में सुखदेव चौधरी, सोनिया कौर, एडवोकेट विनय कुमार, सुशील भारद्वाज, रवींद्रन, विनय कुक्कड़, मेहश कुमार, वासुदेव, कैप्टन अरूण, एडवोकेट ज्ञान शाहपुरी, एडवोकेट मुकेश वर्मा, एडवोट सुशील भरद्वाज, एडवोकेट रविंदर पंघाल व मनवीर ने बताया कि ढकौली क्षेत्र में इस समय अलग-अलग सोसायटियों व कालोनियों में बीस हजार के करीब परिवार रहते हैं। इसके बावजूद यहां सडक़ें टूटी हुई हैं और स्ट्रीट लाइटें अक्सर बंद पड़ी रहती है। यहां कई जगह सीवरेज के गटर ओवर फ्लो हो रहे हैं। सडक़ों पर आवारा जानवरों का कब्जा रहता है।
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यहां बिना लेवलिंग के घटिया सामग्री के साथ सडक़ों का निर्माण किया जा रहा है। ज्वांइट एक्शन कमेटी व आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने कहा कि मास्टर प्लान में जो सडक़ 84 फुट है उसे बिल्डरों ने अवैध निर्माण करके 30 फुट तक कर दिया है। परिषद द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद न तो अवैध निर्माण रूक रहे हैं और नही अवैध कब्जे बंद हो रहे हैं। जीरकपुर के प्रतिनिधियों की समस्याएं सुनने के बाद नगर परिषद अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि इस माह के अंत ढकौली क्षेत्र की सडक़ों का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।