जीरकपुर। ढकौली के के-ऐरिया रोड स्थित दी हरमीटेज पार्क सोसाईटी के रेजीडेंट्स के सब्र का बांध शनिवार सुबह तीन बजे उस समय टूट गया जब बिजली गुल होने के कारण रजिडेंट्स और उनके परिजनों को गर्मी के कारण बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिल्डर की मैनटेनेंस टीम द्वारा जैनसेट में डीजल को उपलब्ध नहीं करवाने के चलते रेजीडेंट्स में गुस्सा और फूट पड़ा और सुबह होने तक पूरी सोसाईटी रेजीडेंट्स ने बिल्डर आफिस का घेराव कर दिया।
(SUBHEAD)
रोष प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे आदित्य च ौहान ने बताया कि दिसम्बर 2019 तक यह रेजीडेंस प्रोजेक्ट पूरा होना था जो कि अब तक पूरा नहीं हुआ जिसके चलते यहां के निवासियों को काफी सुविधाओं से समझौता करना पड़ रहा है। आदित्य ने बताया कि रेजीडेंट्स को पिछले दो सालो से कल्ब हाऊस की सुविधायें प्राप्त नहीं हुई है जबकि अपने सेल्स प्रोमोशन में बिल्डर ने कल्ब हाऊस और अन्य सुविधाओं के सब्ज बाग दिखा कर अपने लगभग सारे फ्लैट्स तक बेच डाले परन्तु कल्ब हाऊस को रेजिडेंट्स को नहीं सौंपा है और अपने अन्य प्रोजेक्ट्स का आफिस वहीं से चला रहा है।
(MOREPIC1)
एक अन्य रेजिडेंट मयंक ने बताया यहां रह रहे लोगों ने अपने जीवन भर की कमाई खर्च कर लाखों रुपये से अपने सपनो के घरों को संजोया है परन्तु बिल्डर के रवैये के चलते अब सभी रेजीडेंट्स आहत है। उन्होनें बताया कि करीब 280 परिवार सोसाईटी में रह रहें जिनके लिये पार्किंग मैनेजमेंट का उचित प्रावधान नहीं किया गया है जो कि कभी भी किसी बढ़ी दुर्घाटना को अंजाम दे सकती है। उन्होनें आरोप लगाया कि बिल्डर ने 4बीएचके फ्लैट्स की कंस्ट्रक्शन में उल्लंघना (वाॅयलेशन) की है जिसके चलते पूरा प्रोजैक्ट अधर में लटका हुआ है और सीधे खमियाजा रेजिडेंट्स को भुगतना पड़ रहा है।
(MOREPIC2)
रोष प्रदर्शन कर रहे है अन्य रेजिडेंट्स ने बताया कि बिल्डर ने वायदे के अनुसार स्विमिंग पूल, पोडियम पार्क, बच्चों के लिये प्लेईंग कोर्ट, पार्किंग शैड्स सहित अन्य सुविधाओं से वंचित रखा हुआ है। वहीं दूसरी बिल्डर के प्रतिनिधि कमल जिंदल ने मौके पर पहुंच कर उल्टा रेजिडेंट्स के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर दी जिससे की हंगामा और ज्यादा हो गया। इसी बीच पुलिस ने बीच बचाव करते हुये स्थिति को नियंत्रण में किया और रेजिडेंट्स ने भी अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। प्रभावित रेजिडे़ंट्स ने बिल्डर को चेताया कि यदि उन्हें कल्ब हाऊस सहित अन्य सुविधायें नहीं दी गई तो वे अपना रोष प्रदर्शन ओर प्रभावी तरीके से करेंगें और अदालत का दरवाजा तक खटखटायेंगें।