पंचकूला। पंचकूला नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को संघर्ष एवं हड़ताल करते हुए आज 25 दिन पूरे हो गए हैं। लंबे समय से अपनी चिर-परिचित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान न होने पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा महिला कांग्रेस एवं कांग्रेस नेत्री सुधा भारद्वाज ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।
सुधा भारद्वाज ने कहा कि 25 दिनों से सफाई कर्मचारी सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार उनकी जायज मांगों को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रही है। सरकार की वादा खिलाफी के कारण कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों को स्वच्छ रखने और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन आज वही कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हैं।
पंचकूला की चरमराई सफाई व्यवस्था पर सुधा भारद्वाज ने सरकार को घेरा
सफाई कर्मियों की जायज मांगों का तत्काल समाधान करे सरकार, शहरों को महामारी के खतरे से बचाए: सुधा भारद्वाज
उन्होंने कहा कि पंचकूला शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और गंदगी के कारण शहरवासियों के सामने स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। यदि स्थिति को तत्काल नहीं संभाला गया तो शहर में बीमारी और महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
सुधा भारद्वाज ने प्रदेश सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़कर सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से तत्काल बातचीत करे और उनकी चिर-परिचित एवं जायज मांगों को बिना किसी देरी के पूरा करे। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल आंदोलन को खत्म करवाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान करना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार सार्वजनिक रूप से बातचीत और समाधान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अंदरखाने सफाई कर्मचारियों एवं फायर कर्मचारियों की हड़ताल को तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में ईमानदार पहल करनी चाहिए।
सुधा भारद्वाज ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों की जीवनरेखा हैं। उनके अधिकारों और सम्मान की अनदेखी करके न तो स्वस्थ शहर की कल्पना की जा सकती है और न ही बेहतर सफाई व्यवस्था की। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि पंचकूला सहित प्रदेश के सभी शहरों में सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत की जाए और उनकी सभी जायज मांगों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता कर्मचारियों का संघर्ष खत्म करवाना नहीं, बल्कि उनकी समस्याएं खत्म करना होनी चाहिए।