चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने किसी भी तरह के विवाद को पनपने से पहले ही खत्म कर दिया। उन्होंने पुलिस कांप्लेक्स मधुबन (करनाल) में कैंप आफिस के लिए आवंटित सरकारी मकान वापस लौटा दिया है। खास बात यह है कि मकान का आवंटन और उसे वापस करने का फैसला दोनों 26 अगस्त को ही हुए हैं। यानी हरविन्द्र कल्याण ने सरकारी मकान का आवंटन होते ही तत्काल उस पर पुनर्विचार किया और सरकार को मकान वापस करने के अपने निर्णय से अवगत करा दिया। उन्होंने मकान पर कब्जा नहीं लिया है।
- पुलिस कांप्लेक्स मधुबन में कैंप आफिस के लिए हुआ था मकान नंबर-2 का अस्थाई आवंटन - स्पीकर बोले, मेरा संवैधानिक पद, पुलिस ट्रेनिंग की गतिविधियां प्रभावित करना उचित नहीं - पुश्तैनी मकान के पुनर्निर्माण तक निजी मकान में अपने परिवार के साथ रहेंगे हरविन्द्र कल्याण
स्पीकर ने किया पत्र में संवैधानिक पद का उल्लेख
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में हरविन्द्र कल्याण ने स्पीकर के संवैधानिक पद का उल्लेख किया और कहा कि यदि वह पुलिस कांप्लेक्स मधुबन में रहेंगे तो वहां पुलिस के प्रशिक्षण तथा अन्य विभागीय गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में उन्होंने यह उचित समझा कि पुश्तैनी मकान के पुनर्निर्माण तक वह अपने परिवार के साथ किसी निजी मकान में रहेंगे। राजनीतिक रूप से भी हरविन्द्र कल्याण का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकारी आवास के आवंटन को लेकर विपक्ष की ओर से किसी तरह के सवाल या आरोप सामने आने से पहले ही उन्होंने स्वयं सरकार को मकान वापस करने की जानकारी दे दी।
स्पीकर का कैंप आफिस फिलहाल करनाल के निकट स्थित कल्याण फार्म हाउस से संचालित होता है। यहीं उनका पुश्तैनी घर भी है। करीब 70 साल पुराना यह मकान अब काफी जर्जर हो चुका है तथा इसमें हरविन्द्र कल्याण का पूरा संयुक्त परिवार रहता है। परिवार की सुरक्षा और भविष्य में किसी तरह की दुर्घटना की आशंका को देखते हुए इस पुश्तैनी मकान के पुनर्निर्माण की योजना बनाई गई है।
इसी निर्माण अवधि के दौरान परिवार को रहने की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरविन्द्र कल्याण ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अनुरोध किया था कि उन्हें करनाल अथवा घरौंडा में किसी गेस्ट हाउस में आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उनका उद्देश्य यह था कि मकान के पुनर्निर्माण का काम निर्बाध रूप से चलता रहे और परिवार को भी इस दौरान रहने में किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
हरियाणा सरकार ने उनकी पारिवारिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 26 अगस्त को पुलिस कांप्लेक्स मधुबन में मकान नंबर-2 आवंटित किया। यह मकान कल्याण फार्म हाउस के बिल्कुल नजदीक है। हरियाणा आर्म्स पुलिस मधुबन के आइजी अशोक कुमार की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया कि यह मकान विधानसभा स्पीकर को कैंप आफिस बनाने के लिए आवंटित किया गया है। आवंटन की अवधि एक वर्ष होगी और इसे पूरी तरह अस्थाई व्यवस्था के तौर पर किया गया था।
मकान का आवंटन पत्र जारी होते ही हरविन्द्र कल्याण ने इस व्यवस्था को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी। उन्होंने तत्काल निर्णय लिया कि उनका कैंप आफिस कल्याण फार्म हाउस से ही संचालित होता रहेगा और इसके लिए पुलिस कांप्लेक्स में अलग से सरकारी मकान की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने उसी दिन सरकार को मकान वापस करने का निर्णय लिया। कल्याण ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी।
साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया कि उनकी पारिवारिक परिस्थिति और आवश्यकता को समझते हुए अस्थाई आवास की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह आवंटित मकान का इस्तेमाल कैंप आफिस के लिए नहीं करना चाहते। स्पीकर के इस फैसले के पीछे केवल व्यक्तिगत सुविधा का सवाल नहीं, बल्कि सरकारी संसाधनों और संवैधानिक पद की गरिमा से जुड़ा एक व्यापक दृष्टिकोण भी दिखाई दे रहा है।