चंडीगढ़। हरियाणा में संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क और फिरौती के लिए आने वाली धमकी भरी कॉल्स के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने खुफिया सूचनाओं, तकनीकी निगरानी, अंतरराज्यीय समन्वय और जमीनी कार्रवाई के जरिए 1 जनवरी से 24 अगस्त 2026 तक 512 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 55 मोस्ट वांटेड, 270 गैंगस्टर या गैंग सदस्य तथा 187 अन्य जघन्य अपराधों में शामिल आरोपी हैं। पुलिस का जोर अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ उनके पूरे नेटवर्क को कमजोर करने और संभावित वारदातों को पहले ही रोकने पर है।
2026 में अब तक 512 आरोपी गिरफ्तार गैंगस्टरों के पूरे नेटवर्क को जड़ से कमजोर करने में जुटी एसटीएफ, 270 गैंग सदस्य काबू
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वर्ष 2024 से अब तक एसटीएफ ने कुल 1,972 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 369 मोस्ट वांटेड/इनामी अपराधी, 1,063 गैंगस्टर/गैंग सदस्य और 540 जघन्य अपराधों में शामिल आरोपी हैं। अकेले गैंगस्टरों और गैंग सदस्यों की गिरफ्तारी वर्ष 2024 में 323, वर्ष 2025 में 470 और वर्ष 2026 में अब तक 270 रही है।
एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक सतीश बालन के अनुसार विदेशों में रहकर आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2025-26 में अब तक 21 गैंगस्टरों को डिपोर्ट या एक्सट्राडाइट कर भारत लाया गया, जिनमें 14 वर्ष 2026 में वापस लाए गए हैं। इसके अलावा 12 गैंगस्टरों को विदेशों में डिटेन करवाया गया है। इस कार्रवाई में केंद्रीय एजेंसियों और संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
109 एक्सटॉरशन केस, तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंच
व्यापारियों, उद्यमियों और आम नागरिकों को धमकाकर फिरौती वसूलने की कोशिशों पर भी एसटीएफ और जिला पुलिस की नजर है। वर्ष 2026 में अब तक फिरौती/एक्सटॉरशन से जुड़े 109 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें कॉल की तकनीकी जांच, आरोपियों की पहचान, नेटवर्क की निगरानी और जरूरत के अनुसार फील्ड ऑपरेशन के जरिए कार्रवाई की जा रही है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों, उद्योगपतियों और संभावित लक्ष्यों को निशाना बनाने वाले गैंगस्टरों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।