चंडीगढ़, 21 अगस्त: हरियाणा पर्यटन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में स्थापित महाभारत अनुभव केंद्र हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करने वाला एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनकर उभरा है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटित यह केंद्र महाभारत की समृद्ध विरासत और भगवद्गीता की कालातीत शिक्षाओं को अनुभवात्मक एवं आकर्षक स्वरूप में आगंतुकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिए जाने से पारंपरिक रूप से जुड़ी पवित्र भूमि ज्योतिसर में स्थित यह केंद्र महाभारत की महाकाव्य कथा और भगवद्गीता के दर्शन को पारंपरिक कहानी-कथन, कलात्मक प्रस्तुतियों और आधुनिक तकनीक के समन्वय के माध्यम से प्रस्तुत करता है। यहां आगंतुकों को महाभारत से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों, प्रमुख पात्रों और इसके दार्शनिक एवं सांस्कृतिक विषयों को एक व्यापक और इमर्सिव अनुभव के माध्यम से समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि लगभग 240 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित महाभारत अनुभव केंद्र करीब 17 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 1 लाख वर्ग फुट से अधिक इनडोर स्थान है। महाभारत के महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए केंद्र में ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर), 3डी लेजर तकनीक, प्रोजेक्शन मैपिंग, होलोग्राफिक प्रस्तुतियों और इमर्सिव विजुअल एक्सपीरियंस जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया है।
प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र की इमर्सिव गैलरियां भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की समकालीन व्याख्या प्रस्तुत करती हैं और आगंतुकों को महाभारत की कथा तथा भगवद्गीता की शिक्षाओं से जुड़ने का अनूठा अनुभव प्रदान करती हैं। यह केंद्र तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने के साथ-साथ सांस्कृतिक व्याख्या, अनुभवात्मक शिक्षा और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। महाभारत की विरासत को आधुनिक प्रस्तुति तकनीकों से जोड़ने वाला यह केंद्र कुरुक्षेत्र को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।