मिनी ऑडिटोरियम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री के साथ जुड़ा सुपवा परिवार।
2 अगस्त 2026, रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किए गए ‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान’ की साझीदार बनी। पीएम द्वारा देशव्यापी अभियान शुरू करने के दौरान सुपवा परिवार प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ा। इस दौरान कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने कहा कि नशा किसी भी इंसान, समाज व राष्ट्र के लिए नासूर है। इसलिए इसका त्याग करना बेहद जरूरी है।
पीएम के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए जुड़ने के लिए सुपवा में विशेष इंतजाम किए गए। फिल्म एवं टेलीविजन फैकेल्टी स्थित मिनी ऑडिटोरियम की स्क्रीन को दिल्ली में आयोजित पीएम के मुख्य कार्यक्रम के साथ जोड़ा गया। इस दौरान रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा, सभी फैकेल्टी के एफसी, फैकेल्टी सदस्य, टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ व छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही देश भर में ‘नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान’ लॉन्च करने की घोषणा की, उपस्थितजनों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अभियान को सफल बनाने में अपनी हरसंभव सक्रिय भूमिका निभाने का प्रण लिया।
कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने कहा कि हमारे समाज में नशे को हमेशा बुराई के रूप में देखा गया है। हमारे संतों ने, गुरुओं ने हमें इससे बचने के लिए चेताया। डीएलसीसुपवा उस धरती पर है, जहां आर्य समाज का व्यापक प्रभाव रहा है। इस धरती पर नशे के खिलाफ खूब मुहिम चली हैं। अब पीएम ने जिस तरह से देश भर में शुरुआत की है, निश्चित रूप से उसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। डॉ आर्य ने कहा कि नशे की लत लगने के बाद भी इससे छुटकारा पाया जा सकता है। इसके लिए इच्छाशक्ति का मजबूत होना बेहद जरूरी है। समाज का सहयोग, योग व ध्यान मुद्रा से नशे के खिलाफ हमारे अंतर्मन को ताकत मिलती है। इसलिए एक बार ठान लेंगे तो फिर नशे को जीवन में कभी पास भी नहीं आने देंगे।
डॉ आर्य ने कहा कि छात्रों को नशे से बचाने की नैतिक जिम्मेदारी उनके गुरुजनों की है, क्योंकि कोई भी छात्र अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय अपने घर-परिवार के मुकाबले गुरुजनों की संगत में ज्यादा बिताता है। गुरुजनों को स्वयं आगे आकर अपने छात्रों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना चाहिए। उनकी काउंसलिंग करके उन्हें ऐसा करने से रोका जा सकता है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए अभियान में नशे के खिलाफ खड़ा होना हमें आत्मसंतुष्टि भी प्रदान करेगा।