पानीपत, 23 जुलाई। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता गुरुवार को पानीपत के इसराणा स्थित एनसी मेडिकल कॉलेज में आयोजित भव्य तीज महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में पहुंचने पर कॉलेज प्रबंधन, चिकित्सकों, आयोजकों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने प्रदेश अध्यक्ष का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया। इस मौके पर चेयरमैन धर्मबीर गुप्ता, वाइस चेयरमैन भूषण गुप्ता, ईश कुमार राणा, रविन्द्र, समुंद्र जागलान, आनंद मलिक, संदीप कौशिक, कालेज प्रिंसिपल मेजर जनरल पीजे सिंह के अलावा चिकित्सक, छात्र मौजूद रहे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने हरियाणवी परंपरा के अनुसार पीढ़े पर बैठकर अपने हाथों से गुलगुले बनाए, दही बिलोकर मक्खन निकाला तथा महिलाओं के साथ झूला झूलकर तीज उत्सव की खुशियों में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सदियों पुरानी संस्कृति, आस्था, प्रकृति और पारिवारिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि तीज हमें अपनी मिट्टी, अपनी जड़ों और अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने का संदेश देती है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता एनसी मेडिकल कॉलेज, इसराणा में तीज उत्सव शामिल हुई और झूला झूलकर महोत्सव का आंनद लिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति और विरासत को वैश्विक स्तर पर मिली नई पहचान: डा. अर्चना गुप्ता
तीज का पर्व महिलाओं को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करता है: डा. अर्चना गुप्ता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाली तीज का प्रकृति और हरियाली से गहरा संबंध है। यह पर्व लोगों के जीवन में नई ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मकता का संचार करता है। उन्होंने कहा कि तीज की असली खुशबू तब महसूस होती है, जब घर-आंगन में गुलगुले और सुहाली की महक फैलती है, महिलाएं पारंपरिक गीत गाती हैं, झूले झूलती हैं और परिवार एक साथ इस उत्सव को मनाता है। उन्होंने कहा कि यही हमारी संस्कृति की असली पहचान है।
डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण कई पारंपरिक रीति-रिवाज धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहे हैं। ऐसे समय में तीज महोत्सव जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। यह पर्व महिलाओं को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता, पारिवारिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियों और युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध संस्कृतियों में से एक है। हमारी लोक परंपराएं, त्योहार और रीति-रिवाज केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा हैं। अपनी संस्कृति ही हमारी पहचान है और इसे सहेजना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने परिवारों में पारंपरिक पर्वों और संस्कारों को जीवित रखें, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों से जुड़ी रहें।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और भारतीय सभ्यता के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास, सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाने जैसे अनेक कदम भारत की सांस्कृतिक शक्ति को नई ऊंचाइयों तक लेकर गए हैं।
डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की संस्कृति, योग, आयुर्वेद, आध्यात्मिक परंपरा और पारिवारिक मूल्यों को सम्मान की दृष्टि से देख रही है। भारत की सांस्कृतिक विरासत अब केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि विश्व के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने महिलाओं के साथ लोकगीतों का आनंद लिया, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की तथा आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं और हरियाणा की समृद्ध लोक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनते हैं।