डीएलसीसुपवा में हरियाणा फिल्म फेस्टिवल के आयोजन को लेकर हरियाणा निवास चंडीगढ़ में बैठक की अध्यक्षता करते कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग। साथ में डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य व अन्य।
30 जून 2026, रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में हर साल हरियाणा फिल्म फेस्टिवल कराने की मुख्यमंत्री की घोषणा को अमलीजामा पहनाने की दिशा में कार्य शुरू हो गया है। मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रदेश के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग ने सुपवा के कुलगुरु, रजिस्ट्रार, फैकेल्टी के साथ इस सिलसिले में पहली बैठक की। इसमें हरियाणा फिल्म फेस्टिवल के संभावित स्वरूप को लेकर मंत्रणा की गई।
- चंडीगढ़ में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग ने की बैठक
- सुपवा से कुलगुरु, रजिस्ट्रार व फैकेल्टी रहे मौजूद
चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में बैठक की अध्यक्षता कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग ने की। इस दौरान विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, परियोजना निदेशक डॉ पवन आर्य, चित्रकला अधिकारी रेणु हुड्डा, रंगमंच अधिकारी तान्या चौहान, नृत्य अधिकारी सुमन डांगी, मूर्तिकला अधिकारी हृदय कौशल, डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य, रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा, फिल्म एवं टेलीविजन फैकेल्टी से दीप्ति खुराना, केशव आदि मौजूद रहे। बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर फिल्मकार अतुल गंगवार ने शिरकत की। इस दौरान महानिदेशक पांडुरंग ने कहा कि मार्च महीने में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सुपवा में हर साल हरियाणा फिल्म फेस्टिवल कराने का ऐलान किया था, जिसमें प्रदेश का कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग सहयोगी रहेगा। ऐसे में कोशिश है कि इसी साल विभाग और सुपवा मिलकर मुख्यमंत्री की इस घोषणा को मूर्त रूप प्रदान करें। इससे पहले आज तक सरकारी स्तर पर इस तरह का फिल्म फेस्टिवल हरियाणा में आयोजित नहीं किया गया है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि आयोजन को यादगार तो बनाएं ही, साथ ही इसके जरिए प्रदेश की कला व संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की हर संभव कोशिश करें।
डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप हरियाणा फिल्म फेस्टिवल क्षेत्रीय सिनेमा, स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं, छात्र रचनाकारों एवं डॉक्यूमेंट्री निर्माताओं को एक नया मंच प्रदान करेगा। हरियाणा फिल्म फेस्टिवल सुपवा में करने का निर्णय निश्चित तौर पर प्रदेश सरकार का सराहनीय कदम है। इससे न सिर्फ प्रदेश की कला एवं संस्कृति को सहेजा जा सकेगा, बल्कि सुपवा के छात्रों को अलग तरह का एक्सपोजर भी मिलेगा। वे अपने कैंपस में ही फिल्मी दुनिया को करीब से निहार सकेंगे। फिल्मकार अतुल गंगवार ने कहा कि फिल्म फेस्टिवल के स्वरूप को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। उन्होंने देश के नामी-गिरामी फिल्म फेस्टिवल में फिल्माई जाने वाली फिल्मों के साथ ही उनके स्वरूप की जानकारी दी। गंगवार ने कहा कि सुपवा में होने वाला फिल्म फेस्टिवल पूरी तरह से भव्य हो, इसके प्रयास किए जाएंगे।
रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा ने कहा कि इस समय हरियाणा के कलाकारों, गीत-संगीत, एल्बम आदि का देश भर में डंका बज रहा है। कितने ही प्रतिभाशाली फनकारों को बॉलीवुड फिल्मों में मौके मिल चुके हैं। इसी तरह डीएलसीसुपवा अपनी तरह की देश की पहली यूनिवर्सिटी है, जिसमें एक्टिंग, डायरेक्शन, सिनेमेटोग्रॉफी, एडिटिंग, ऑडियोग्रॉफी में विभिन्न डिग्री कोर्स कराए जा रहे हैं। उक्त पढ़ाई करने के बाद यहां के छात्र देश-विदेश की फिल्म इंडस्ट्री में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुपवा के छात्रों द्वारा तैयार शॉर्ट फिल्में व डॉक्यूमेंट्री देश-दुनिया के फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हो रही हैं, साथ ही अनेक अवार्ड भी जीत रही हैं। इससे पता चलता है कि डीएलसीसुपवा में छात्रों को फिल्म इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार तैयार कर रहा है।