डीएलसीसुपवा परिसर में एक पेड़ पर इको-फ्रेंडली नेस्ट एवं जलपात्र स्थापित करते कुलगुरु डॉ अमित आर्य एवं अन्य।
28 जून 2026, रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में नवकल्प फाउंडेशन के सहयोग से 'दाना-पानी नेस्ट' अभियान के तहत पक्षियों के लिए इको-फ्रेंडली नेस्ट एवं जलपात्र स्थापित किए गए। इस पहल का उद्देश्य तेजी से घटते पक्षियों को सुरक्षित आश्रय, भोजन व पानी उपलब्ध कराना तथा विद्यार्थियों में प्रकृति व जैव विविधता के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है। इस दौरान उपस्थितजनों ने सुपवा परिसर में पक्षी संरक्षण का संकल्प लिया।
- नवकल्प ने यूनिवर्सिटी परिसर में लगाए 'दाना-पानी नेस्ट'
डीएलसीसुपवा परिसर में एक पेड़ पर स्थापित इको-फ्रेंडली नेस्ट एवं जलपात्र।
नवकल्प फाउंडेशन की ओर से अनिल आर्य ने बताया कि 'दाना-पानी नेस्ट' अभियान के तहत इस वर्ष हरियाणा व राजस्थान में इस तरह के लगभग 1200 नेस्ट लगाए जा चुके हैं। यह अभियान पिछले छह वर्षों से लगातार पक्षी संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को समर्पित है। डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने कहा कि यूनिवर्सिटी का प्रयास है कि पूरा परिसर विद्यार्थियों के साथ-साथ पक्षियों के लिए भी हरा-भरा, सुरक्षित व जीवनदायी बने। उन्होंने कहा कि बेजुबान पक्षियों के लिए भोजन व सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था करना हमारी संस्कृति व सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा ने इसे नई पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने वाला अभियान बताया। उन्होंने नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि हमें अपने घर, स्कूल, कार्यालय के आसपास पक्षियों के लिए दाना-पानी और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करते हुए इस जनअभियान का हिस्सा बनना चाहिए।
इस अवसर पर स्वयंसेवक अनिल कुमार, डॉ. प्रताप सिंह, राजेश कुमार, विक्रांत वीर आदि मौजूद रहे। उन्होंने डीएलसीसुपवा परिसर में विभिन्न पेड़ों पर पक्षियों के लिए इको-फ्रेंडली नेस्ट एवं जलपात्र स्थापित किए। इस दौरान उपस्थितजनों ने पक्षियों की हरसंभव देखरेख व संरक्षण का संकल्प लिया।