सोनीपत, 26 जून। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में बीटेक पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। प्रवेश व्यवस्था की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए कुलगुरु प्रो.श्री प्रकाश सिंह ने शुक्रवार को बीटेक एडमिशन सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न काउंटरों का अवलोकन किया, अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से सीधे संवाद कर प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया।
विद्यार्थियों की सुविधाओं का लिया जायजा
कुलगुरु प्रो.सिंह के अधिकारियों को निर्देश— प्रवेश लेने आए विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए
निरीक्षण के दौरान कुलगुरु प्रो. सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी भी विद्यार्थी को अनावश्यक परेशानी या असुविधा का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और सुगम प्रवेश प्रक्रिया उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
कुलगुरु प्रो. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और विद्यार्थी हितैषी बनाने के उद्देश्य से सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई हैं। अब विद्यार्थियों को प्रवेश से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एडमिशन सेंटर पर ही दस्तावेज सत्यापन, प्रवेश संबंधी औपचारिकताएं, हॉस्टल आवंटन, बैंकिंग सुविधा, मेडिकल जांच, फोटो कॉपी तथा अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
कुलगुरु प्रो.सिंह ने बताया कि कई बार विद्यार्थियों को फैमिली आईडी से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण प्रवेश प्रक्रिया में दिक्कत आती है। इसे ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में ही फैमिली आईडी से संबंधित समस्याओं के समाधान की व्यवस्था भी की गई है, जिससे विद्यार्थियों का समय बचे और प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।
औचक निरीक्षण के दौरान कुलगुरु प्रो.सिंह ने प्रवेश लेने आए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने उनसे पूछा कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या असुविधा तो नहीं हो रही है। इस पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से प्रवेश प्रक्रिया काफी आसान और सुविधाजनक हो गई है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना भी की।
निरीक्षण के दौरान कुलगुरु प्रो.सिंह ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अनुशासन, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और अभिभावकों को आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने आने वाले विद्यार्थी भविष्य के इंजीनियर हैं और उन्हें शुरुआत से ही सकारात्मक एवं सहयोगपूर्ण वातावरण मिलना चाहिए।
कुलगुरु प्रो.सिंह का मानना है कि सुव्यवस्थित प्रवेश प्रक्रिया न केवल विद्यार्थियों का समय बचाती है, बल्कि संस्थान की कार्यप्रणाली के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत करती है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष प्रवेश व्यवस्था को पहले की अपेक्षा अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाएगी और विद्यार्थियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।