फरीदाबाद में ‘प्रकृति 2026’ के दौरान शोकेस किए गए डीएलसीसुपवा के छात्रों के थिसिस प्रोजेक्ट्स।
23 जून 2026, रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) के छात्रों द्वारा ‘प्रकृति 2026’ में शोकेस किए थिसिस प्रोजेक्ट्स की एक्सपर्ट्स ने तारीफ की। ‘प्रकृति’ 2026 का आयोजन इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, फरीदाबाद सेंटर की ओर से किया गया था, जिसमें आर्किटेक्चरल थिसिस प्रदर्शनी लगाई गई।
- प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर के छात्रों ने ‘प्रकृति 2026’ में किया नाम रोशन
- फरीदाबाद में जुटे देश के करीब 350 प्रसिद्ध आर्किटेक्ट्स व प्रोफेशनल्स
|
डीएलसीसुपवा की तरफ से फैकेल्टी ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर से बैचलर इन आर्किटेक्चर के फाइनल ईयर छात्र नवनीत व शिवम ने यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व किया। दसवें सेमेस्टर में पढ़ रहे इन छात्रों ने ‘प्रकृति 2026’ में अपने थिसिस प्रोजेक्ट्स को शोकेस किया। इनके साथ फैकेल्टी मेंबर्स आर्किटेक्ट हिमांशु व आर्किटेक्ट विजय प्रकाश भी मौजूद रहे। छात्र नवनीत व शिवम ने इस आयोजन में शिरकत करने के लिए कुलगुरु डॉ अमित आर्य व रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा का आभार जताते हुए कहा कि ‘प्रकृति 2026’ में जाकर उन्हें सीखने, नेटवर्क बनाने व आर्किटेक्चरल समुदाय में अपनी यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। इसमें देश के करीब 350 प्रसिद्ध आर्किटेक्ट्स और प्रोफेशनल्स से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने डीएलसीसुपवा के छात्रों के थिसिस प्रोजेक्ट्स के बारे में करीब से जाना और इनकी सराहना की।
एफसी अजयबाहु जोशी ने बताया कि फरीदाबाद के सेक्टर-21सी स्थित जिमखाना क्लब में आयोजित ‘प्रकृति-2026’ में ग्रीन बिल्डिंग, पर्यावरण संरक्षण व आधुनिक वास्तुकला की चुनौतियों पर चर्चा की गई। इस दौरान ऊर्जा बचत, जल संरक्षण और हरित निर्माण तकनीकों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। पर्यावरण अनुकूल निर्माण को बढ़ावा देने और आगामी वर्षों में ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा को अधिक व्यापक बनाने का आह्वान मौजूद आर्किटेक्ट्स से किया गया। उन्होंने बताया कि ‘प्रकृति 2026’ का उद्देश्य आर्किटेक्ट्स, डिजाइनरों, छात्रों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाना रहा, ताकि टिकाऊ विकास और हरित वास्तुकला को बढ़ावा दिया जा सके। बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरण संतुलन बनाकर रखा जा सके।