नारनौल। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि आज देश का युवा बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती घोटालों और महंगी होती शिक्षा व्यवस्था के कारण गहरे संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सुनियोजित तरीके से युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है।
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत नारनौल (महेंद्रगढ़) में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि आज युवाओं के सामने अवसरों की कमी, रोजगार का अभाव और शिक्षा का बढ़ता बोझ सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। उन्होंने राहुल गांधी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने देश के युवाओं की वास्तविक समस्याओं को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनाया है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि आज शिक्षा युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक महंगा और तनावपूर्ण संघर्ष बन चुकी है। राष्ट्रीय स्तर पर छात्र और उनके परिवार अपनी पूरी जमा-पूंजी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में खर्च कर रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें पेपर लीक और भ्रष्ट व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुई NEET परीक्षा में लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। पिछले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की अनेक परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे युवाओं का विश्वास लगातार टूट रहा है। उन्होंने कहा कि यदि देश की सबसे बड़ी परीक्षाएं भी सुरक्षित नहीं हैं तो युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है और परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर निजी संस्थानों को बढ़ावा दे रही है। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की हालत खराब होती जा रही है, जबकि निजी शिक्षा एक महंगा व्यवसाय बन चुकी है।
हरियाणा की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूल बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। लाखों पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि मजबूरी में अभिभावकों को अपने बच्चों को निजी संस्थानों में भेजना पड़ रहा है, जहां उनसे भारी फीस वसूली जाती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। प्रदेश में हजारों शिक्षित युवा बेरोजगार हैं और रोजगार के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में हरियाणा में 46 हजार से अधिक स्नातक और परास्नातक युवाओं ने सफाई कर्मचारियों के पदों के लिए आवेदन किया, जो प्रदेश में रोजगार की भयावह स्थिति को दर्शाता है।
वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतबीर झुकिया ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPPSC) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और योग्य स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के युवाओं को अवसरों से वंचित किया जा रहा है जबकि बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में केवल शिक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, रोजगार और कानून व्यवस्था भी गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और संसाधनों की कमी है, महंगाई लगातार बढ़ रही है और अपराधों में वृद्धि ने आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का युवा निराशा और मानसिक तनाव से जूझ रहा है। रोजगार के अभाव में युवाओं को पलायन करने और परिवारों को अपनी जमीन-जायदाद तक बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ‘मेक इन इंडिया’ और विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर युवाओं को न रोजगार मिल रहा है और न ही शिक्षा व भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता दिखाई दे रही है।
अपने संबोधन के अंत में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि हरियाणा और देश के युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने आह्वान किया कि अभिभावक, छात्र और युवा अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों।
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “‘छात्रों की गूंज’ अब थमेगी नहीं, यह हर घर की आवाज बनेगी। हम युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।