रोहतक, 21 जून । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आज विधायक बलराम सिंह दांगी के कांग्रेस कार्यालय का निरीक्षण किया। हुड्डा ने काँग्रेस कार्यालय पर हुई फायरिंग को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि दांगी परिवार इलाके में संघर्ष का प्रतीक है। उनकी सुरक्षा से किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। सरकार को तुरंत उन्हें विशेष सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए तथा जिन लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है, उन्हें सजा सुनिश्चित करनी चाहिए।
इस मौके पर पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के महम कांग्रेस कार्यालय पर हुई फायरिंग प्रदेश की जर्जर हो चुकी कानून-व्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। फायरिंग, फिरौती, लूट, डकैती, हत्या, बलात्कार जैसी वारदातें इतनी आम हो गई हैं कि ये अब हरियाणा की जनता की दिनचर्या का हिस्सा बन गई हैं। हरियाणा में संगठित अपराध इस कदर बढ़ गया है कि आज प्रदेश में 50 से 60 गैंग सक्रिय हैं, जो न सिर्फ वारदातों को अंजाम देते हैं बल्कि नाम लेकर उनकी जिम्मेदारी भी लेते हैं।
यानी उनके दिल में कानून का कोई भय नहीं है। यही वजह है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी सामाजिक प्रगति सूचकांक में हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित राज्य घोषित किया गया है। व्यापारी, कारोबारी, कर्मचारी, अधिकारी से लेकर राजनीतिज्ञ तक आज हर व्यक्ति खुद को असुरक्षित महसूस करता है। मुख्यमंत्री तो पगड़ी बाँधकर रोज पंजाब में निकल जाते है। सरकार का हरियाणा पर अब कोई फोकस नही है। इसलिए कहता हूं यह सरकार नॉन परफोर्मिंग सरकार है। हमने विकास के पैमाने पर नंबर एक बनाया था। आज केंद्र सरकार की रिपोर्ट्स में 14 वे नंबर पर पहुंच चुका है। आज बेरोजगारी,स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल स्टेडियम और कानून व्यवस्था में हरियाणा का बुरा हाल है।
हुड्डा ने कहा कि कानून व्यवस्था का ये हाल है आज गैंगस्टर गुजरात की जेल या अन्य जेलों में बैठकर गैंग चला रहे हैं। 2005 में कांग्रेस सरकार बनने से पहले भी हरियाणा में इसी तरह का माहौल था, जब जेल में बैठकर अपराधी गैंग चलाते थे। लेकिन कांग्रेस सरकार बनने के बाद प्रदेश से तमाम गैंग्स और संगठित अपराध की जड़ से सफाई की गई। कांग्रेस सरकार के दौरान हरियाणा में एक भी गैंग सक्रिय नहीं था। क्योंकि अपराधियों के प्रति सरकार की साफ नीति थी कि या तो अपराध छोड़ दो या फिर हरियाणा छोड़ दो।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पूरे देश में अलग-अलग पार्टियों से सांसदों को तोड़ा जा रहा है, यह लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है। दल-बदल कानून इसी तोड़-फोड़ और अलोकतांत्रिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए बनाया गया था। यह बेहद निंदनीय है कि कोई व्यक्ति एक पार्टी के सिंबल पर चुनाव जीते और फिर वह पार्टी छोड़कर दूसरे दल में चला जाए। अगर किसी को पार्टी बदलनी है तो उसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
SIR पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस लगातार अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करके, उन्हें उचित दिशा-निर्देश दे रही है। सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को इस पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी सही वोट कटे नहीं और कोई भी फर्जी वोट जुड़े नहीं।