डीएलसीसुपवा के मिनी ऑडिटोरियम में नाटक ‘बियोंड द इमेजिनेशन’ का मंचन करते छात्र।
10 जून 2026, रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में बुधवार को नाटक ‘बियोंड द इमेजिनेशन’ के तीन दिवसीय मंचन का दूसरा दिन रहा। इस दौरान फिल्म एवं टेलीविजन फैकेल्टी के एक्टिंग डिपार्टमेंट के छात्रों ने मुंबई जैसे महानगर में भीड़ के बीच रहते हुए बुद्धिजीवी व्यक्ति के स्वयं को अकेला और असुरक्षित महसूस करने की दास्तान को रेखांकित करते हुए मंच पर प्रभावशाली ढंग से मंचन किया। ‘बियोंड द इमेजिनेशन’ के गुरुवार को होने वाले दो शो के साथ इसका समापन होगा।
- सुपवा में नाटक ‘बियोंड द इमेजिनेशन’ के तीन दिवसीय शो का दूसरा दिन
- एफटीवी के मिनी ऑडिटोरियम में आज आखिरी दिन होंगे दो शो
मंगलवार शाम के शो के दौरान हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी ने बतौर अतिथि शिरकत की, जबकि बुधवार को हरियाणा कला परिषद के अतिरिक्त निदेशक बिंदर दनोदा व गगन हरियाणवी ने बतौर अतिथि छात्रों की हौंसला अफजाई की। जाने-माने लेखक, साहित्यकार महेश एलकुंचवार द्वारा लिखित मराठी के प्रसिद्ध नाटक प्रतिबिंब पर आधारित ‘बियोंड द इमेजिनेशन’ में मुख्य पात्रों में एक्टिंग डिपार्टमेंट के चौथे सेमेस्टर के छात्र भारती, प्रिंस व पुष्कर शामिल रहे। छात्रों ने नाटक में विभिन्न पात्रों के माध्यम से व्यक्ति के बाहरी व भीतरी व्यक्तित्व के टकराव, सामाजिक मुखौटों व वास्तविक पहचान की खोज को दर्शाया। दर्शकों को थियेटर वाला अहसास कराने के लिए एफटीवी स्थित मिनी ऑडिटोरियम के मंच को भव्य सेट का रूप दिया गया है। मुंबई से आई एक्सपर्ट की टीम ने सुपवा के छात्र कलाकारों की लगातार जिस तरह से रिहर्सल कराई, उसका परिणाम उनकी अदाकारी में साफ झलकता नजर आया। गुरुवार को नाटक के दो शो दोपहर 3:30 बजे व शाम 6:30 बजे होंगे, जिनमें थियेटर, नाटक व कला प्रेमियों के लिए एंट्री निशुल्क रहेगी।
डीएलसीसुपवा के मिनी ऑडिटोरियम में नाटक ‘बियोंड द इमेजिनेशन’ का मंचन करते छात्र।
नाटक के मंचन के दौरान डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य, डीन अकेडमिक अफेयर्स डॉ अजय कौशिक, एफटीवी के एफसी महेश टीपी, विजुअल आर्ट्स के एफसी विनय कुमार व डिजाइन फैकेल्टी की एफसी डॉ शैली खन्ना आदि भी मौजूद रहे। ‘बियोंड द इमेजिनेशन’ का निर्देशन एनएसडी से स्नातक सुशील कांत ने किया, जबकि प्रॉडक्शन डिजाइन की जिम्मेदारी बिपिन गोबाले ने संभाली। एनएसडी की ही पूर्व छात्रा पाली फुकॉन ने कॉस्ट्यूम डिजाइन किया। इसका हिंदी अनुवाद वसंत देव ने किया, जबकि साउंड की जिम्मेदारी दीपा वर्मा ने संभाली। नाटक ‘बियोंड द इमेजिनेशन’ के मंचन के दौरान आम जनता के लिए एंट्री निशुल्क रही। थियेटर, नाटक व कला प्रेमियों ने जीवंत प्रस्तुति के लिए सुपवा के छात्रों की सराहना की।