चंडीगढ़। 9 जून 2015 को हरियाणा के जींद जिले के छोटे से गांव बीबीपुर में एक पिता ने अपनी नवजात बेटी नंदिनी के साथ सेल्फी ली और सोशल मीडिया पर शेयर की। उस एक साधारण सी सेल्फी ने आज पूरी दुनिया को छू लिया है। सेल्फी विद डॉटर अभियान अब भारत का सबसे प्यारा, सबसे असरदार और इकलौता ग्लोबल अभियान बन चुका है, जो बेटियों के प्रति प्यार, सम्मान और संवेदना जगाने का सबसे सुंदर माध्यम बन गया है।
आज सेल्फी विद डॉटर दिवस मनाते हुए ग्यारह वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस दौरान यह अभियान सिर्फ एक सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं रहा, बल्कि लाखों दिलों को छूने वाली एक भावना बन गया। एक मिलियन से ज्यादा सेल्फियां ऑनलाइन म्यूजियम में अपलोड हो चुकी हैं। 80 देशों के लोग इसमें शामिल हुए। बॉलीवुड, हॉलीवुड, खेल जगत के सितारे और आम पिता-मां सभी ने एक ही फ्रेम में अपनी बेटी के साथ मुस्कुराते हुए यह संदेश दिया कि बेटी का जन्म खुशी का अवसर है, गर्व का विषय है।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के दिल को छूने वाला अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की प्रशंसा मन की बात कार्यक्रम में 7 बार और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर 3 बार की। अमेरिका समेत कई देशों में उन्होंने इसे बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच बदलने का बेहतरीन उदाहरण बताया। पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी के दिल के भी बेहद करीब रहा यह अभियान। जब भी बेटियों की बात होती, उनका चेहरा खिल उठता था।
सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जागलान कहते हैं, “नंदिनी के जन्म के दिन जो सेल्फी मैंने ली, वह सिर्फ मेरी बेटी के साथ नहीं थी। वह हर उस बेटी के साथ थी जो इस समाज में सम्मान और प्यार की हकदार है।”
इस बार एआई ने भर दिया खालीपन
इस वर्ष अभियान को खास तौर पर एआई सेल्फी विद डॉटर को समर्पित किया गया। जिन माता-पिता की बेटी नहीं है, उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से अपनी ‘कल्पना की बेटी’ के साथ सेल्फी बनाई। इस अनोखी पहल में देश-विदेश से 32 हजार से ज्यादा एआई सेल्फियां अपलोड की गईं। लोगों ने बताया कि पहली बार उन्हें बेटी होने का एहसास हुआ। आंखें नम हो गईं और दिल भर आया। इस वर्ष अब तक 2 लाख से ज्यादा सेल्फियां अपलोड हो चुकी हैं।
सितारों ने भी लिया सेल्फी का साथ
अभियान की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि डेविड बेकहम, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, डिएगो मराडोना, विन डीजल, किम कार्दशियन, विलियम्स बहनों के पिता, सचिन तेंदुलकर, शाहरुख खान, अजय देवगन जैसे दिग्गज अपनी बेटियों के साथ सेल्फी लेकर इसमें शामिल हुए। इन हस्तियों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल समाज की सोच बदलने और लिंग समानता को बढ़ावा देने के लिए किया।
नेपाल, कनाडा, जापान, चीन, कोरिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, इटली समेत कई देशों ने इस अभियान को अपना लिया है। ओईसीडी, इकोनॉमिक सर्वे ऑफ इंडिया और विश्व के कई प्रतिष्ठित संस्थानों ने इसे बेटियों के प्रति प्रेम और सम्मान का सबसे प्रभावशाली अभियान माना है।
एक अभियान जो भावनाओं को जोड़ता है
सेल्फी विद डॉटर सिर्फ फोटो खिंचवाने का अभियान नहीं है। यह एक एहसास है। यह उस प्यार की तस्वीर है जो लिंगानुपात सुधारने, बेटियों को शिक्षा और सम्मान दिलाने तथा समाज में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की भावना को मजबूत करने में लगातार योगदान दे रहा है।
9 जून को हर साल सेल्फी विद डॉटर दिवस मनाना अब सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी बन गई है। अपनी बेटी के साथ, अपनी कल्पना की बेटी के साथ, या किसी भी बेटी के साथ एक सेल्फी लीजिए। उसे शेयर कीजिए। और ये संदेश दीजिए कि हर बेटी दुनिया को बेहतर बनाती है।
सेल्फी विद डॉटर — क्योंकि बेटी का प्यार दुनिया की सबसे खूबसूरत सेल्फी है।
आइए, इस 9 जून को हम सब मिलकर इसे और खूबसूरत बनाएं।