डेराबस्सी। पंजाब की पूर्व अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान डेराबस्सी में करोड़ों की लागत से बनाए गए नेचर पार्क आज न केवल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं बल्कि यहां एक बार सुबह की सैर के लिए आने वाले लोग पहली ही बार में तौबा कर रहे हैं।
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पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान डेराबस्सी-ईस्सापुर मार्ग, डेराबस्सी में पुलिस थाने के सामने तथा सरकारी कालेज के निकट चार करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से नेचर पार्कों की स्थापना की गई थी। सरकार बदलने के बाद इन पार्कों की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस संवाददाता ने सरकारी कालेज के निकट स्थित नेचर पार्क का दौरा किया तो देखा कि प्रवेश द्वार पर लगा उदघाटनी पत्थर बुरी तरह से टूट चुका है। पार्क में रखे प्लास्टिक के कूड़ेदानों में झाडिय़ां उग चुकी हैं।
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स्थापना के समय लोगों के बैठने के लिए इस पार्क में कई जगह शैड बनाए गए थे लेकिन आज इन शैड में आवारा जानवरों का कब्जा है। आम लोगों के बैठने के लिए लगाई गई सीमेंट की कुर्सियां टूट चुकी हैं। कई शैड की हालत तो यह है कि सीमेंट की कुर्सियों पर पौधे उग चुके हैं।
यहां पौधों की देखभाल के लिए लगाया गया माली कागजों में ही तैनात है। माली के लिए बनाया गया टीन का शैड पेड़ों में ढका जा चुका है। वर्तमान में यहां एक भी शैड ऐसा नहीं है जहां सुबह की सैर के लिए आने वाले लोग योगा आदि कर सकें। पार्क में हर तरफ कांग्रेस घास व जंगली बूटी का राज है। जिसके चलते सुबह के समय यहां आने वाले लोगों को सैर करते समय अस्थमा मुफ्त मिलता है।
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पंजाब की पूर्व अकाली भाजपा सरकार ने डेराबस्सी व जीरकपुर इलाके के लिए नेचर पार्क योजना लागू की थी। जिसके चलते डेराबस्सी में चार करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से तीन पार्क स्थापित किए गए। योजना के अनुसार वन विभाग की जमीन पर इन पार्कों की स्थापना के लिए नगर परिषद द्वारा वित्तीय अनुदान मुहैया करवाया जाना था। इन पार्कों के रख-रखाव की जिम्मेदारी वन विभाग की थी। वर्तमान में न तो इन दोनों विभागों के कर्मचारी व अधिकारी पार्कों की सुध लेने को तैयार नहीं है।