चंडीगढ़, 02 मार्च। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने चिराग योजना के तहत आवेदन करने के बाद अभिभावकों की वार्षिक सत्यापित आय आठ लाख रुपये से घटाकर 1,80, हज़ार करने पर एतराज़ जताया है और संघ ने आवेदन कर चुके अभिभावकों को इसमे छूट देने की माँग की है।
शिक्षा विभाग की लापरवाही से अभिभावकों में छाई मायूसी
|
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के छात्र जिनके अभिभावको की वार्षिक आय परिवार पहचान पत्र अनुसार 8 लाख रुपये या इससे कम है ऐसे बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने सहमति वाले स्कूलों में कक्षा छठी से बारहवीं तक आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 निर्धारित की गई थी जिसमें प्रदेश भर के 1108 स्कूलों में 47,000 सीटे अलॉट की हुई थी जिन पर आठ लाख आय वाले बहुत से अभिभावकों ने 30 मार्च तक आवेदन कर दिए थे लेकिन आवेदन करने के बाद शिक्षा निदेशालय ने वार्षिक सत्यापित आय 8, लाख रुपये से घटाकर 1,80,000 रुपये कर दी
जिससे आवेदन करने वाले अभिभावकों व उनके बच्चों में मायूसी छा गई है जो कि शिक्षा विभाग की बहुत बड़ी लापरवाही हे।इसका हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ विरोध करता है।उन्होंने माँग की कि आवेदन कर चुके अभिभावकों के बच्चों के लिए 24 मार्च को विभाग द्वारा जारी किए गए पत्र अनुसार आठ लाख रुपये शर्ते ही लागू होनी चाहिए ।
मान्यता लेटर व फॉर्म 6 के बहाने सैंकड़ो छात्र किए सूची से बाहर
कुंडू ने कहा कि सहमति वाले प्राइवेट स्कूल बच्चों को चिराग योजना के तहत पढ़ाना चाहते हैं और सरकार पढ़वाना चाहती है लेकिन शिक्षा निदेशालय द्वारा जानबूझकर बेतुके ऑब्जेक्शन लगाकर सैकड़ों बच्चों को सूची से बाहर कर दिया जाता है और उन बच्चों का पैसा संबंधित स्कूलों को नहीं मिल पाता।उन्होने कहा कि मान्यता का लेटर या फॉर्म 6 अपलोड करते समय अगर कोई कमी रह जाती हे तो स्कूल को सूचित करने की बजाए उस स्कूल के बच्चों को सूची से बाहर कर दिया जाता हे। उन्होंने कहा कि चिराग योजना के तहत दाखिल बच्चों की प्रतिपूर्ति राशि के लिए फॉर्म 6 की कमी बताकर सूची से हटाना बिल्कुल गलत हे क्योंकि विभाग ने प्राइमरी के लिए 700 रूपये ,मिडिल के लिए 900 रुपये, हाई व सीनियर सेकंडरी के लिए 1100 रुपये पहले ही निर्धारित किए हुए हे तो फिर फॉर्म 6 का बहाना बनाकर ग़रीब बच्चों को सूची से बाहर रखकर उनका पैसा न देना अन्याय हे और मान्यता का लेटर विभाग ही जारी करता हे।हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढाडा से मांग करता हे कि सत्र 2025-26 में फॉर्म सिक्स की त्रुटि के कारण जिन बच्चों की राशि जारी नहीं की गई थी उनका पैसा भी जल्द से जल्द संबंधित स्कूलों को दिया जाए।साथ ही आरटीई एव 134 ए का बकाया पैसा भी जारी किया जाए।