चंडीगढ़, 25 फरवरी: फ़सल ख़रीद सम्बन्धित तैयारियों की निगरानी के लिए गठित मंत्री समूह( जीओएम) जिसमें कृषि और किसान भलाई मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां, ख़ुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क, जल स्रोत मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल और परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर शामिल है, ने आज आने वाले गेहूं खरीद सीजन 2026- 27 की व्यापक समीक्षा करने के लिए मीटिंग की। मंत्री समूह को इस मौके बताया गया कि गेहूं ख़रीद सीजन 1 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है और ख़ुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले द्वारा विभाग लगभग 132 लाख मीट्रिक टन ( एल.एम.टी.) उपज की ख़रीद की जाएगी। इसके इलावा कम-से-कम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
सभी भाईवालों की भलाई के लिए निर्विघ्न ख़रीद सीजन यकीनी बनाई जाए: मंत्री समूह द्वारा अधिकारियों को निर्देश स्टोरेज स्पेस का मुद्दा राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के पास ज़ोरदार ढंग के साथ उठाया
भंडारन की जगह के मुद्दे सम्बन्धित मंत्री समूह के ध्यान में यह लाया गया कि भारतीय ख़ुराक निगम की तरफ से अगस्त 2025 से अब तक हर महीने 5 एल.एम.टी. गेहूं और 5 एलएमटी चावल की ढुलाई की जा रही है, जबकि 2026- 27 के सीजन में ख़रीदी जाने वाली गेहूं के लिए उचित स्टोरेज स्पेस को यकीनी बनाने के लिए हर महीने कम-से-कम 15 एलएमटी गेहूं के उठान की ज़रूरत है। मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने इस सम्बन्ध में समय समय पर और हाल ही में भी ज़ोरदार ढंग के साथ केंद्र सरकार के पास मुद्दा उठाया गया है। इसके इलावा आने वाले सीजन के सम्बन्धित गेहूं की सुरक्षित स्टोरेज को यकीनी बनाने के लिए विभाग पलिंथ बनाने और चावल मीलों में खाली स्थानों का प्रयोग करने पर विचार कर रहा है। इसके इलावा ज़िला प्रशासनों के साथ खरीद प्रबंधों की नियमित समीक्षा की जा रही है। डीएफएससीज़ द्वारा संकटकाली योजनाओं और परिवर्तनी प्रबंध तैयार करने के लिए एफ.सी.आई. के ज़िला मैनेजरों के साथ तालमेल किया जा रहा है। सीजन दौरान निर्विघ्न खरीद को यकीनी बनाने के लिए ज़रूरी अन्य वस्तुओं सम्बन्धित 391320 प्लास्टिक के करेट के लिए आर्डर जारी किए गए है, जिनमें से 231055 प्राप्त हो चुके है जबकि बाकी मार्च तक प्राप्त हो जाएंगे। इसके इलावा, 675000 लकडी के करेट की स्पलाई के लिए आर्डर दिए गए है और गेहूं को सुरक्षित ढंग के साथ स्टोर करने के लिए ज़रुरी एलपीईडी कवर ( तिरपालें) भी उपलब्ध हैं।