चंडीगढ़, 14 फरवरी: पंजाब के शिक्षा एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज श्री आनंदपुर साहिब हलके में सतलुज और स्वां दरियाओं के किनारे बसे गांवों के लिए 52 करोड़ रुपये की व्यापक बाढ़ सुरक्षा योजना की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने मानसून सीजन के दौरान बाढ़ की मार झेलते आ रहे कई प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित किए हैं। इस महत्वपूर्ण योजना के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री बैंस ने कहा, “श्री आनंदपुर साहिब हलके में सतलुज और स्वां के किनारे रहने वाले निवासियों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए पंजाब सरकार ने 52 करोड़ रुपये की व्यापक बाढ़ सुरक्षा योजना की घोषणा की है ताकि मानसून के दौरान बाढ़ की मार झेलते आ रहे कई संवेदनशील गांवों को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाया जा सके।” हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा बुनियादी ढांचे से संबंधित व्यापक परियोजनाओं में तेजी लाई है। 52 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए पहले ही टेंडर जारी किए जा चुके हैं और कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के निर्माण में पंद्रह दिनों के भीतर और तेजी लाई जाएगी। इसके अलावा, 30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली परियोजनाएं विचाराधीन हैं।” इस पहल के महत्व को उजागर करते हुए बैंस ने कहा, “हमारे लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ ने हमें सबक सिखाया है। हम ठोस और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।”
श्री आनंदपुर साहिब हलके के संवेदनशील गांवों की सुरक्षा के लिए 11,000 फुट से अधिक लंबे डंगों का किया जाएगा निर्माण: हरजोत सिंह बैंस
प्रमुख परियोजनाओं के बारे में जानकारी साझा करते हुए बैंस ने कहा, “गांव दसगराईं और महैन में डंगा निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। गांव हरसा बेला, जहां पिछले वर्ष 4.5 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा कार्य किए गए थे, को उन्नत डिजाइन वाले 2,200 फुट लंबे डंगे के निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।” मंत्री ने कहा, “गांव महिंदली कलां को 8.75 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 1,800 फुट लंबा नया डंगा मिलेगा, जहां मैंने पिछले वर्ष बचाव कार्यों के दौरान व्यक्तिगत रूप से सेवा की थी। गांव अगमपुर में गांव और पुल की सुरक्षा के लिए 12 करोड़ रुपये की लागत से 3,200 फुट लंबा विशाल डंगा (रेवेटमेंट) बनाया जाएगा।” उन्होंने कहा, “गांव बुर्ज में 7 करोड़ रुपये की लागत से 700 फुट लंबा रेवेटमेंट बनाया जाएगा। इसी प्रकार, गांव अजोली में 3.5 करोड़ रुपये की लागत से 700 फुट लंबा रेवेटमेंट बनाया जाएगा, जबकि गांव लोधीपुर को 9 करोड़ रुपये की लागत से 2,000 फुट लंबे रेवेटमेंट से सुरक्षित किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि “इन प्रमुख स्थानों के अलावा भलाण, त्रिवेणी मंदिर, नानगरां सहित अन्य गांवों के लिए भी बाढ़ सुरक्षा कार्य प्रगति पर हैं या मंजूर किए जा चुके हैं। बैंस ने कहा, “इन परियोजनाओं में 11,000 फुट लंबे डंगों का निर्माण शामिल है। हमने पहले ही जमीनी कार्य पूरा कर लिया है और स्थानीय मांगों के आधार पर इसके विस्तार के लिए प्रतिबद्ध हैं।”