जालंधर, श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ को समर्पित ऐतिहासिक भव्य नगर कीर्तन ‘जागृति यात्रा’ अपने 38वें दिन समूचे जालंधर जिले में घूमी। यह विशाल यात्रा, जिसे तख्त श्री हरमंदिर जी, पटना साहिब प्रबंधक कमेटी (टीएसएचजेपीपीसी) द्वारा बिहार सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, का उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी के आस्था, एकता और भाईचारे के अमर संदेश को पूरे देश में प्रसारित करना है। यह पहल जो गुरु जी का पवित्र जन्म स्थान पटना साहिब के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करती है।
गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ पर आयोजित भव्य नगर कीर्तन पूरे जालंधर जिले से गुजरा
आठ राज्यों के बाद पंजाब में अंतिम पड़ाव पर है नगर कीर्तन
27 अक्तूबर को केशगढ़ फतेहगढ़ साहिब में सम्पन्न होगा कीर्तन
पंजाब में नगर कीर्तन के संयोजक सरदार मलविंदर सिंह बेनीपाल ने रंजीत सिंह राणा, भवन सिंह खोजी, बाबा अमर सिंह, हरदीप सिंह दौड़ सहित अन्य के साथ श्रद्धापूर्वक कीर्तन की अगुवाई की। गुरुद्वारा मंजी साहिब कोटां (लुधियाना) में रात्रि विश्राम के बाद नगर कीर्तन शुक्रवार को कोहाड़ा चौक, समराला चौक व अन्य मार्गों से गुजरता हुआ प्रमुख गुरुद्वारों में नतमस्तक होकर जालंधर में प्रवेश कर गया। यात्रा लडोवाल टोल से फिल्लौर में प्रवेश के बाद, नकोदर रोड, बिरला बस स्टैंड, गुरुद्वारा नानकसर (नूरमहल), गुरुद्वारा सिंह सभा, नकोदर से होते हुये सुलतानपुर लोधी स्थित गुरुद्वारा बेरी साहिब में रात्रि ठहराव के लिये रुकी।
नगर कीर्तन में शामिल रागी जत्थों, निहंग सिंहों, गुरु की सेवा में समर्पित संस्थाओं और स्कूली बच्चों ने धार्मिक झांकियां एवं झंडों के साथ भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। पूरे मार्ग पर सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए थे। प्रशासन और स्थानीय गुरुद्वारा समितियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि यात्रा का संचालन अनुशासन और मर्यादा के अनुरूप हो।
यह ऐतिहासिक यात्रा 17 सितंबर 2025 को तख्त श्री हरमंदिर जी, पटना से बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा प्रमुख सिख नेताओं और बिहार सरकार के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में झंडी दिखाने के साथ शुरू हुई थी। यात्रा के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब और गुरु तेग बहादुर जी की पवित्र निशानियाँ पूरे श्रद्धाभाव से ले जाई जा रही हैं।
अब तक यह यात्रा नौ राज्यों झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और अब पंजाब से होकर गुजर रही है। इस दौरान यह गुरु जी की दयालुता, साहस और धार्मिक सहिष्णुता के संदेश को जन-जन तक पहुँचा रही है।
पंजाब में यह पवित्र नगर कीर्तन ऐतिहासिक गुरुद्वारों और पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, खन्ना, सुल्तानपुर लोधी, जालंधर, करतारपुर, लुधियाना और नवांशहर जैसे शहरों से होकर गुज़रेगा और 27 अक्टूबर, 2025 को आनंदपुर साहिब में सम्पन्न होगा।