संगरूर। संगरूर के गांव पनवां की प्रभजोत कौर भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से ड्रोन पायलट बनकर न केवल अपना परिवार पाल रही है बल्कि इलाके की सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।
ड्रोन दीदी योजना ने संगरूर में बदली महिलाओं की किस्मत
महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी पनवां की प्रभजोत कौर
उम्मीद फांउडेशन के प्रोजेक्ट भैणां दी उम्मीद से बनाया आत्मनिर्भर
प्रभजोत कौर आजकल आसपास के गांवों में जाकर ड्रोन की मदद से कृषि कार्यों में किसानों की मदद कर रही हैं। यह संभव हुआ है उम्मीद फाउंडेशन की मदद से। उम्मीद फाउंडेशन के प्रोजेक्ट भैणा दी उम्मीद के साथ जुडऩे के बाद प्रभजोत के जीवन बड़ा बदलाव आया है।
प्रभजोत कौर के अनुसार उम्मीद संस्था के जुडक़र उन्होंने गुरुग्राम में पहले ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग के बाद उन्हें ड्रोन ड्राइविंग पायलट का लाइसेंस मिला। इसके बाद उम्मीद फाउंडेशन की मदद से उन्हें ड्रोन व किट मिली। इसके बाद प्रभजोत ने ड्रोन को अपनी आजीविका का साधन बना लिया है। अब वह आसपास के गांवों में जाकर किसानों की कृषि कार्यों में मदद कर रही है। जिसकी एवज में उसे 300 रुपये प्रति एकड़ मिलता है। फसल के सीजन के दिनों में वह रोजाना औसतन दस से 15 एकड़ जमीन में स्प्रे समेत कई तरह के कार्य करती है।
उम्मीद फाउंडेशन के संस्थापक एवं पूर्व विधायक अरविंद खन्ना बताते हैं कि संस्था के माध्यम से इस क्षेत्र में प्रभजोत समेत तीन लड़कियों को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना के माध्यम से यह महिलाएं एक लाख रुपये महीना तक कमाकर अपने बच्चों तथा परिवार के सपने पूरे कर रही हैं। अरविंद खन्ना के अनुसार उम्मीद फाउंडेशन द्वारा भैणां दी उम्मीद के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।