संगरूर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अरविंद खन्ना ने पंजाब में बाढ़ से हुई तबाही के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि सरकार के कुप्रबंधन के कारण प्रदेश वासियों को तबाही का सामना करना पड़ा है। आज यहां जारी एक बयान में अरविंद खन्ना ने कहा कि पंजाब सरकार बाढ़ को लेकर कतई गंभीर नहीं हुई। अनुभवहीन सरकार ने समय रहते न तो फील्ड में जाकर धरातल का मुआयना किया और न ही अधिकारियों को कोई निर्देश दिए गए।
सरकार के कुप्रबंधन ने पंजाब को डुबोया:अरविंद खन्ना
प्रदेश में जल निकासी प्रबंधों पर नहीं हुई प्री-मानसून एक्सरसाइज
हरियाणा व केंद्र से सरकार चलाना सीखें भगवंत मान
खन्ना ने कहा कि वह संगरूर समेत पंजाब के कई जिलों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। लोगों ने बातचीत करने पर बताया कि मानसून से पहले उनके क्षेत्रों में जल निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया। अब पंजाब के सभी 23 जिले जब बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं तो अपना नाकामियों को छिपाने के लिए पंजाब सरकार केंद्र पर दोषारोपण कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि पंजाब में बाढ़ की स्थिति पैदा होते ही गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से बात करके बाढ़ पर रिपोर्ट ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश से वापस आते ही पहला फोन मुख्यमंत्री भगवंत मान को किया। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं। आज से केंद्रीय टीम ने पंजाब का दौरा शुरू कर दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा पंजाब की मदद की जाएगी।
भाजपा नेता ने कहा कि पड़ोसी राज्य हरियाणा ने जनवरी माह से ही बाढ़ राहत प्रबंधों को लेकर बैठकें तथा धरातल पर काम शुरू कर दिया था। परिणाम स्वरूप भारी बारिश के बावजूद हरियाणा की स्थिति आज नियंत्रण में है। हरियाणा ने राजनीतिक से उपर उठकर पंजाब में बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए मुख्य राहत कोष में मदद की है। खन्ना ने कहा कि पंजाब में आई बाढ़ के लिए सीधे तौर पर सरकार के कुप्रबंध जिम्मेदार हैं।