चंडीगढ़। मोदी द्वारा गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, दलितों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं को पंजाब में पूरी तरह से लागू करवाने में आम आदमी पार्टी विफल साबित हुई है और जब वही योजनाओं को भाजपा कानूनी तरीके से उन वर्गों तक पहुंचा रही है तो भगवंत मान सरकार उसमें अड़ंगा लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर रही है। यह आरोप भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से चंडीगढ़ में मुलाकात के बाद राज भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए लगाए।
भाजपा द्वारा लगाए जा रहे जन हितैशी शिविरों को जबरदस्ती रोकना मान सरकार की तानाशाही सोच का प्रतीक - अश्विनी शर्मा
आप सरकार द्वारा लोक कल्याण शिविरों पर रोक लगाए जाने पर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात
अश्विनी शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आम लोगों के कल्याण के लिए चलाई गई योजनाओं का लाभ पंजाबियों तक न पहुंचे, इसके लिए राज्य में भाजपा द्वारा लगाए जा रहे शिविरों को जबरदस्ती रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाएं चाहे वह गरीबों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं हों या किसानों और महिलाओं के लिए सहायता, मान सरकार इन योजनाओं को जनता तक पहुंचने से जबरदस्ती रोक रही है।
इस जबरदस्ती के विरोध में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा के नेतृत्व में केवल सिंह ढिल्लों, राणा गुरमीत सिंह सोढी, डॉ सुभाष शर्मा, अनिल सरीन, राकेश राठौर, जगमोहन सिंह राजू, परमिंदर सिंह बराड़, एन के वर्मा और विनीत जोशी ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और मांग पत्र भी सौंपा। शर्मा ने कहा कि मान सरकार लोगों को केंद्र की सुविधाओं से वंचित रखने के लिए तानाशाही हथकंडे अपना रही है। जो सरकार अपने ही लोगों को स्वास्थ्य कार्ड, छात्रवृत्ति, किसान सहायता से रोकती है, वह सरकार नहीं, लोगों के सपनों की हत्यारी है।
शर्मा ने चेतावनी दी कि भाजपा लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगी। यदि मान सरकार ने अपनी जबरदस्ती नहीं रोकी तो पंजाब की धरती बड़े आंदोलन की गवाह बनेगी और यह सरकार लोगों के गुस्से के आगे कांपती नजर आएगी। शर्मा का कहना था कि राज्यपाल ने भाजपा द्वारा उठाए गए मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा करने का भरोसा दिया है।