चंडीगढ़, 07 मई। पंजाब सरकार के अधिकारियों द्वारा डेरा सच्चा सौदा के प्रबंधकों को लिखे गए पत्र वायरल होने के बाद पंजाब में नया विवाद खड़ा हो गया है, बता दे कि कोरोना संक्रमण के चलते के ब्लड बैंक खाली हो गए हैं और खून की कमी के कारण इमरजेंसी में अस्पताल आने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पंजाब सरकार ने डेरा प्रेमियों से मदद लेने के लिए पत्र लिखा है। पत्र वायरल होने के बाद विपक्षी शिरोमणि अकाली दल ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। (SUBHEAD)
शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी की सदस्य परमजीत कौर लांडरा ने कहा कि यह सत्तारूढ़ दल की गंदी राजनीति है। जिसमें शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी तथा अकाली दल को नीचा दिखाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि मोहाली व पंजाब में बहुत से संगठन ऐसे हैं जिनके द्वारा रक्तदान किया जाता है। उन्हें भी संपर्क किया जा सकता है। कोरोना संकट के चलते मार्च माह से लेकर अब तक पंजाब में कहीं भी रक्तदान शिविरों का आयोजन नहीं हुआ है। ब्लड बैंक में जमा स्टॉक भी लगभगत समाप्त हो चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा संकट अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं तथा थैलेसिमिया ग्रस्त बच्चों के लिए आ रहा है।
शुक्रवार को विश्व थैलेसिमिया दिवस है। डेरा सच्चा सौदा द्वारा हर साल इस अवसर पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है। इस बार लॉकडाउन के चलते यह आयोजन नहीं हो रहा है। ऐसे में पंजाब सरकार ने डेरा सच्चा सौदा से मदद मांगी है। मोहाली की एसएमओ द्वारा डेरा सच्चा सौदा की चेयरपर्सन को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि थैलेसिमिया के मरीजों की इमरजेंसी को देखते हुए सिविल अस्पताल मोहाली स्थित ब्लड बैंक में ब्लड डोनर उपलब्ध करवाने की कृपा करें। बताया जाता है कि इस तरह के पत्र मोहाली के अलावा खरड़ तथा पंजाब के अन्य अस्पतालों द्वारा भी जारी किए गए हैं। पत्र जारी करने वाली चिकित्सक के अनुसार डेरा प्रबंधकों द्वारा इस संबंध में संपर्क किया गया था। जिसके बाद यह पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि यहां नियमित रूप से रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है कोई भी आकर रक्तदान कर सकता है