लुधियाना। वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे नेशनल टैक्रीकल टेक्सटाइल मिशन के अंतर्गत पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से, नवाचार, स्थायित्व और कौशल विकास पर केंद्रित तकनीकी वस्त्रों पर एक सम्मेलन का आयोजन किया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव अजय गुप्ता ने कहा कि आने वाले समय टैक्नीकल टैक्साटाइल का है। इस क्षेत्र में भारत का पिछला एक्सपोर्ट 16 प्रतिशत था। जिसे बढ़ाने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि लुधियाना को एक तकनीकी-वस्त्र केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए यहां के कपड़ा उद्योग से जुड़े उद्यमियों को आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा। इससे उनके कारोबार में भी वृद्धि होगी। उन्होंने भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एग्रीकल्चर टैक्सटाइल, मेडिकल टैक्सटाइल, जीओ टैक्सटाइल समेत अन्य योजनाओं के बारे में बताया।
पीएचडीसीसीआई ने किया टैक्नीकल टैक्सटाइल सम्मेलन का आयोजन
एनटीटीएम के मिशन निदेशक अशोक मल्होत्रा ने अनुसंधान एवं विकास प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तकनीकी वस्त्र के क्षेत्र में तकनौलजी उपलब्ध है। जिस पर लगातार शोध हो रही है। आज जीरो वाटर इस्तेमाल, जीरो डिस्चार्ज वाले प्लांट लग रहे हैं। भारत ब्रांड बनाने पर में लुधियाना की भूमिका सबसे अहम होगी।
इस अवसर पर इनेस्ट पंजाब के अतिरिक्त सीईओ राहुल चाबा ने वस्त्र विकास के लिए पंजाब के निवेश प्रोत्साहन और बुनियादी ढाँचे पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी वस्त्र विशेषज्ञ सुनील कुमार पुरी, ओर्लिकॉन टेक्सटाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के उपाध्यक्ष देबब्रत घोष, उद्योग विशेषज्ञ अखिल सेठ, डॉ. एम. एस. परमार, डॉ. स्वप्ना मिश्रा, सोमजीत अमृत, नरेश कुमार ने टैक्नीकल टैक्सटाइल के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक पर मंथन किया। इस अवसर पर पीएचडीसीसीआई के निदेशक राकेश कुमार संगराय ने विभिन्न सत्रों का संचालन किया।