Monday, July 15, 2024
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Religion
सावन में 1 माह शिव भक्तों की बैजनाथधाम मंदिर में लगी रहती है भीड़

 झारखंड के देवघर में स्थित बाबाधाम या बैजनाथधाम द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक है। साल भर बाबा भोले के भक्तों की भीड़ इस मंदिर में लगी रहती है। सावन के महीने में हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ को जल चढ़ाने के लिए आते हैं। एक महीने तक देवघर शहर कांवरियों से पटा रहता है। अलग-अलग राज्यों से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए लोग आते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि अगर आप भी रावणेश्वर शिवलिंग के दर्शन करना चाहते हैं, तो यहां कैसे पहुंच सकते हैं।

जानें गुरु प्रदोष व्रत कब है, इस दिन सिर्फ 39 मिनट ही रहेगा शिव पूजा का समय

प्रदोष व्रत प्रत्येक महीने में दो बार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में किया जाता है। दोनों ही प्रदोष व्रत का अपना अलग-अलग महत्व है। गुरु प्रदोष व्रत जुलाई और आषाढ़ मास का अंतिम प्रदोष व्रत है, जो आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को है। प्रदोष व्रत के दौरान भगवान शिव शंकर की पूजा करने का विधान है। प्रदोष व्रत की पूजा सूर्यास्त के बाद शुरू होती है। इस दिन रुद्राभिषेक कराने पर विशेष फल प्राप्त होता है।

देवशयनी एकादशी के दिन बचें इन गलतियों से , जानें व्रत नियम और महत्व

देवशयनी एकादशी, जिसे आषाढ़ी एकादशी या हरिशयनी एकादशी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है। इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योग निद्रा में चले जाते हैं। इस साल यह व्रत 17 जुलाई, 2024 (बुधवार) को रखा जाएगा। यह व्रत न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि इसका पालन करने से कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के मिशन को गति दे रहा दाती कन्या भ्रूण संरक्षण अभियान

राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के संवाहक बने परमहंस दाती जी महाराज के सानिध्य में इस साल 10 जुलाई को 28वां दाती कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस मनाया जाएगा। हरियाणा सरकार की ओर से साल 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य स्तर पर कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस मनाने की घोषणा की थी।

सावन में शिव को प्रसन्न करने के जानिए यह पांच तरीके

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है। इस साल 2024 में सावन का महीना 22 जुलाई से शुरू होगा। भगवान शिव अपने भक्तों पर बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं। उनके इस भोलेपन के कारण ही उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है।

जानिए सभी ज्योतार्लिंगो और शिवलिंग मे कौनसा है सबसे महान

12 ज्योतिर्लिंग के नाम आपने सुने होंगे। इसके अलावा सैंकड़ों चमत्कारी और प्राचीन शिवलिंग देशभर में मौजूद हैं। सभी ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग का अपना महत्व और महानता है परंतु शास्त्रों के अनुसार 4 ऐसे शिवलिंग हैं जिनकी अधिक महिमा है। उनमें से भी एक को सभी शिवलिंगों का राजा कहा जाता है। आओ जानते हैं कि वे कौनसे 2 शिवलिंग हैं।

इस बार सावन में पड़ेंगे पांच सोमवार, जो की मानें जाते है शुभ

सर्वार्थ सिद्धि योग: सावन के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है. इस योग में किए गए कार्य सिद्ध होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं ।

सत्संग और पुरुषार्थ दोनों मनुष्य जीवन के दिव्य आभूषण हैं : अतुल कृष्ण शास्त्री

सत्संग और पुरुषार्थ यह दोनों मनुष्य जीवन के दिव्य आभूषण हैं। सत्संग से चित्त की शुद्धि और पुरुषार्थ से लोक परलोक का मंगल होता है। यह प्रवचन सेक्टर -23 डी स्थित श्री महावीर मंदिर मुनि सभा में ब्रह्मलीन श्री सतगुरु देव श्री श्री 108 श्री मुनि गौरवानंद गिरि महाराज की 37वीं पुण्य बरसी समारोह के उपलक्ष्य पर पठानकोट से आए कथा व्यास अतुल कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को दूसरे दिन सत्संग में कहे।

हिंदू धर्म के 10 प्रमुख मंदिर

एक समय ऐसा था जबकि ईरान से लेकर कंबोडिया और इंडोनेशिया तक सनातन हिंदू धर्म का वृहद प्रचलन था। अब परिस्थिति बदल गई है। भारत में सैकड़ों प्राचीन मंदिर थे लेकिन उन्हें मुगल काल में तोड़ दिया गया। हालांकि आज भी देश और दुनिया में हिंदुओं के कई प्राचीन मंदिर बचे हुए हैं। उन्हीं में से जानिए 10 प्रमुख मंदिरों के बारे में जानकारी।

सिर ढक कर पूजा करने के महत्व

हिंदू धर्म दुनिया का महान धर्म है। इसी धर्म की बातों को अन्य कई धर्मों में सम्मलित किया गया है। सनातन हिंदू धर्म में पूजा, यज्ञ या कोई धार्मिक अनुष्ठान करते समय सिर ढकने की परंपरा है। कई लोग देवियों के मंदिर में दर्शन करते हैं तब भी सिर ढककर ही दर्शन करते हैं। हालांकि पूजा, यज्ञ या कोई धार्मिक अनुष्ठान करते वक्त सिर ढकना जरूरी होता है। आओ जानते हैं क्यों जरूरी है।

रावण के मरते वक्त बताई 3 खास बाते, जो कलयुग में भी काम की है

रावण महापंडित था। वेद, ज्योतिष, तंत्र और योग का ज्ञाता था। वह युद्ध और मायावी कला में भी पारंगत था। लेकिन रावण के कर्म खराब थे। वह क्रूर होने के साथ ही कामी भी था। हालांकि मरते वक्त उसने लक्ष्मण को जो बातें कही है वह आज भी प्रासंगिक मानी जाती है, क्योंकि रावण नीतिज्ञ भी था।

माता मनसा देवी मंदिर में किया 33 श्रद्धालुओं ने रक्तदान

भीषण गर्मियों की वजह से अस्पतालों में आई रक्त की कमी को पूरा करने के लिए विश्वास फाउंडेशन ने गुरुदेव स्वामी विश्वास जी के आशीर्वाद से श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड व इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा पंचकूला के सहयोग से माता मनसा देवी परिसर में रक्तदान शिविर लगाया। रक्त लेने से पहले डॉक्टरों की टीम ने रक्तदाताओं का चेकअप किया, डॉक्टरों ने बताया कि रक्तदान करने से किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती है। बल्कि रक्तदान करने से व्यक्ति को गर्व महसूस होता है।

निर्जला एकादशी का व्रत 18 जून को

 इस वर्ष निर्जला एकादशी का व्रत 18 जून को आ रहा है। खेड़ा शिव मंदिर, सेक्टर 28 डी के प्रधान पुजारी आचार्य ईश्वर चन्द्र शास्त्री, जो देवालय पूजक परिषद् चंडीगढ़ के पूर्व प्रधान भी रहें हैं, ने जानकारी देते हुए बताया कि  सनातन धर्म में व्रत, पूजा, अनुष्ठान आदि का बहुत महत्व बताया गया है। व्रतों में भी एकादशी व्रत को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। एकादशी तिथि भगवान लक्ष्मीनारायण जी को समर्पित है। एक वर्ष में 24 एकादशियां आती हैं, सभी का अपना-अपना महत्व है। परंतु जेष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इसे निर्जला एकादशी कहते हैं।

श्री शनिदेव के जन्मोत्सव पर श्री शनिधाम मन्दिर में हुई भस्माआरती

दिल्ली स्थित श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम में बड़ी ही श्रद्धा से हुई महाआरती श्री श्री 1008 श्री शनिधाम पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर परमहंस स्वामी निजस्वरूपानंदपुरी जी ।महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ 3 दिवसीय महानुष्ठान शनि जयंती की पूर्व संध्या पर बहुत से कार्यक्रम आयोजित किये गए जिसमे भजन संध्या, सामाजिक समरसता पर विशाल संत सम्मेलन जिसमे हजारों की संख्या में संत और भक्त मौजूद रहे संत सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए आनंद पीठाधीश्वर पुज्य आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानन्द जी महाराज ने कहा कि शनि देव न्याय के देवता है जो मनुष्य इनकी पूजा पाठ करेंगा उस पर शनिदेव की कृपादृष्टि बनी रहती है  | 

द्रोण नगरी गुरुग्राम में हरे रामा-हरे कृष्णा के गीतों पर जगन्नाथ यात्रा में झूमे श्रद्धालु गुरुग्राम: गढ़ी गांव में रातभर गूंजे मां भगवती के भजन, भंडारा भी लगाया आज भगवा यात्रा निकाल भगवान श्रीराम को नमन करेगा गुरुग्राम, भव्य तैयारियां रोहतक: तैमूरपुर गांव में कलश यात्रा निकाल गुरू गोरखनाथ की प्रतिमा की स्थापित नौ देवियों के रूप में नौ कन्याएं 13 और 14 अक्तूबर , को करें   कन्या पूजन ? भिवानी: कहीं डिजिटल तो कहीं फिजिकली मनाई जाएगी जन्माष्टमी, शहर हुआ कृष्णमय भिवानी: राधा-कृष्ण बन जन्माष्टमी की रिहर्सल करने में जुटे बच्चे इस बार होलाष्टक रहेगा 21 मार्च  से 28 मार्च तक  वो मुसलमान होकर भी मनाता है दीवाली, कारीगरों की करता है आरती कोरोना काल में कैसे करें साधारण विधि से अपने घर में ही श्राद्ध बदलें दान का स्वरुप इस विधि से बांधे राखी  क्यों बांधें राखी ? इस बार क्यों खास है रक्षाबंधन 3 अगस्त के  रक्षाबन्धन पर इस बार भद्रा काल  की बजाय कोरोना काल का साया हरियाली तीज का पौराणिक महत्व हरियाली तीज की तिथि व मुहूर्त जानिए इस बार कितना पावन  है सावन क्या देव भी पौराणिक काल में क्वारंटाइन होते थे? कोरोना महामारी के बीच जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन महाभारत में है काशी विश्वनाथ का वर्णन हर किसी की चिंता हरती है चिंतपूर्णी सन्त निरंकारी मिशन ने मनीमाजरा के सरकारी अस्पताल को सौंपी 50 पीपीई किट इलाहाबाद के इस मंदिर में लेटे हुए हैं हनुमान जी एक बार जरूर करें देवी के शक्‍तिपीठ महालक्ष्मी मंदिर कोल्हापुर के दर्शन घर लाएं श्री गणेश की ऐसी मूर्ति, कभी नहीं होगी धन की कमी विवाह पंचमी: इस दिन हुआ था भगवान राम-सीता का विवाह, पूजा करने से मिलेंगे ये लाभ  शुक्रवार को करें चमेली के फूल से ये उपाय, शुक्र दोष से निजात मिलने के साथ होगी हर इच्छा पूरी शनि अमावस्या 2017: बन रहा है खास योग, बीमारियों से निजात पाने के लिए अपनाएं ये उपाय शास्त्रों के मुताबिक रविवार के दिन सरसों के तेल से सिर पर मालिश करना है अशुभ, जानिए क्यों