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Religion

13 और 14 अक्तूबर , को करें   कन्या पूजन ?

October 12, 2021 11:29 AM

इस बार शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि का पूजन 14 अक्टूबर 2021 दिन गुरुवार को किया जाएगा और इसी के साथ नवरात्रि 

का समापन हो जाएगा। कन्या पूजन से एक दिन पहले ही कन्याओं को अपने घर आमंत्रित कर देना चाहिए। शास्त्रों के  अनुसार दो वर्ष लेकर 10 वर्ष तक की कन्या को कंजक पूजन के लिए आमंत्रित करना चाहिए यदि आप दुर्गाष्टमी के दिन करते  हैं तो कन्या पूजन 13 अक्टूबर को होगा और यदि महानवमी के दिन करते हैं तो कन्या पूजन 14 अक्टूबर को होगा।

अष्टमी तिथि शुभ मुहूर्त-

इस बार अष्टमी तिथि 13 अक्टूबर 2021 दिन बुधवार को पड़ रही है। इस दिन महगौरी माता का पूजन किया जाएगा।

अष्टमी तिथि आरंभ- 12 अक्टूबर 2021 को रात 09 बजकर 47 मिनट से

अष्टमी तिथि समाप्त- 13 अक्टूबर 2021 को रात 08 बजकर 07 मिनट पर 

कन्या पूजन का पारंपरिक  विधान

दुर्गाष्टमी को कन्या पूजन करके व्रतादि का उद्यापन करना शुभ रहेगा। अष्टमी पर 9 वर्ष की कन्या 9 कन्याओं तथा एक बालक को अपने निवास पर आमंत्रित करें। उनके चरण धोएं। मस्तक पर लाल टीका लगाएं, कलाई पर मौली बांधें। लाल पुष्पों की माला पहनाएं उनका पूजन करके उन्हें हलुवा , पूरी, काले चने का प्रसाद दें या घर पर ही इसे खिलाएं। चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें ।उन्हें लाल चुनरी या लाल परिधान तथा उचित दक्षिणा एवं उपयोगी उपहार सहित विदा करें। आज कन्या रक्षा का भी संकल्प लें ।

देवी का अष्टम स्वरुप महागौरी का है ।इसे श्री दुर्गाष्टमी भी कहा जाता है। भगवती का सुंदर ,सौम्य ,मोहक स्वरुप महागौरी में 

विद्यमान है। वे सिंह की पीठ पर सवार हैं। मस्तक पर चंद्र  का मुकट सुशोभित है। चार भुजाओं में शंख, चक्र,धनुष और बाण  हैं।

सबसे महत्वपूर्ण है कि माता का यह स्वरुप सौन्दर्य से संबंधित है। इनकी आराधना से सौन्दर्य प्रदान होता है।जो युवक युवतियां सौन्दर्य के क्षेत्र में जाने के इच्छुक हैं, वे आज महागौरी की आराधना करें।फिल्म, ग्लैमर  व रंगमंच की दुनिया की इच्छा रखने वाले या  सौन्दर्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने जा रहे ,युवा वर्ग आज व्रत के साथ साथ निम्न मंत्र का जाप भी अवश्य करे ं।जिनके वैवाहिक संबंध सुंदर न होने के कारण नहीं हो रहे या टूट रहे हों वे आज अवश्य उपासना करें।

 चौकी पर श्वेत रेशमी वस्त्र बिछा कर माता की प्रतिमा या चित्र रखें । घी का दीपक जला कर चित्र पर नैवेद्य अर्पित करें ।दूध निर्मित प्रसाद चढ़ाएं।

मंत्र- ओम् ऐं हृीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै! ओम् महागौरी देव्यै नमः!!

की एक या 11 माला करें ।अपनी मनोकामना अभिव्यक्त करें। आज अष्टमी पर मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी ।

 


मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, 98156.19620

 
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