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Astrology

कैसा रहेगा 2021 आप और देश के लिए ?

January 01, 2021 11:00 AM

ग्रह चाल कैसी होगी ?
 

2021 की शुरूआत में गुरू मकर राशि में होंगे तथा 6 अप्रैल को कुम्भ में प्रवेश करेंगे पुनः 14 सितंबर को 

 

वक्री होकर मकर में आएंगे। इसके बाद 21 नवम्बर को पुनः कुम्भ राशि में प्रवेश कर जाएंगे और शनि 

मकर राशि में ही रहेंगे। राहु वृष राशि में तथा केतु वृश्चिक राशि रहेगा। मंगल सम्पूर्ण वर्ष मेष राशि से 

वृश्चिक राशि तक गोचर करेगा। इसी प्रकार अन्य ग्रह भी सम्पूर्ण वर्ष सभी राशियों में भ्रमण करते रहेगें 

और उसका प्रभाव आपके ऊपर किसी न किसी रूप में अवश्य पड़ेगा।

 

ज्योतिष के अनुसार , गुरु  और शनि दोनों 10 वीं अर्थात मकर राशि में चल रहे हैं। गुरु इस समय नीच हैं 

यानी कमजोर हैं और शनि अपनी ही राशि में बलवान हैं। यदि लोक भविष्य की बात करें तो गुरु जो 

सरकार को दर्शाता है वह लगभग हर देश में  कमजोर पड़ती दिख रही है। शनि जो जनता का भी कारक ग्रह 

है, वह इस समय बली होकर जनता को सरकारों पर हावी बना रहा है, चाहे भारत हो या पाकिस्तान हो या 

अन्य कोई देश।

 

इन दोनों ग्रहों की जुगलबंदी से राजनीतिक दलों में बिखराव, जन आन्दोलनों में आक्रोश, ठंड के बरसों 

पुराने टूटते रिकार्ड, आर्थिक मंदी आदि परिलक्षित होंगे। गुरु- शनि जब तक दूर नहीं होते ,यह गतिरोध बना 

रहेगा ।चूंकि गुरु नवंबर से मकर की नीच राशि में कमजोर हो गया है और शनि अपनी ही मकर राशि में बलवान हो 

गया है , इसलिए जनता और सरकार के मध्य गतिरोध बना रहेगा ।  धीरे धीरे कुछ संशोधन होंगे।अभी 

किसान आन्दोलन चलेगा । दोनों ओर से दबाव बनेगा।  आपसी टकराव चलता रहेगा। अप्रैल में 6 तारीख 

से जब गुरु ,शनि से अलग होंगे , तब जाकर कोरोना और किसान समस्या का ठीक से हल निकलेगा। परंतु 

इससे पहले ,10 फरवरी के आसपास जब 6 ग्रह मकर राशि में होंगे तब एक बार फिर ऐसा जन आक्रोश 

किसी भी कारण से देखने को मिल सकता है। इस मध्य राजनैतिक उग्रता, साम्प्रदायिक उपद्रव, हिंसक 

घटनाएं, प्राकृतिक आपदाएं, युद्ध जैसी हालत देखने को मिलेगी । शनि न्यायाधीश की भूमिका निभाएंगे 

और न्यायालयों को जनता की समस्याएं, सुलझाने के लिए बार बार आगे आना पड़ेगा। 

 

 धनु और मीन राशियों के स्वामी गुरु हैं तो मकर व कुंभ के शनि हैं।

ये चारों राशियों के लोगों पर इस गुरु- शनि के महासंयोग का प्रभाव व्यक्तिगत रुप से भी पड़ सकता है। 

धनु, मकर तथा कुंभ राशि वाले वैसे भी साढ़ेसाती के प्रभाव में हैं।

इस वर्ष पिछले साल 6 ग्रहणों के मुकाबले 4 ग्रहण ही लगेंगे।  प्राकृतिक आपदाएं 2020 के मुकाबले कम 

होंगी।

मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़

 
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