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जज से बोला राम रहीम, सामाजिक कार्य किए हैं कुछ तो रहम करो

October 13, 2021 02:56 PM

चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा के प्रबंधक रंजीत सिंह हत्याकांड में मंगलवार को सीबीआई कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने से पहले डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम ने अपने वकीलों के माध्यम से आठ पन्ने का दया आवेदन दायर कर दिया। जिसमें राम रहीम ने पूर्व में किए सामाजिक कार्यों का हवाला देकर कम से कम सजा दिए जाने की मांग की है। सीबीआई कोर्ट अब इस मामले में 18 अक्टूबर को फैसला सुनाएगी।
डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह हत्याकांड में सजा सुनाए जाने के लिए पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में आज सुबह अदालत की कार्यवाही शुरू हुई। अदालत की कार्यवाही में गुरमीत राम रहीम  वीडियो कांफ्रैंसिंग से जुड़ा जबकि दूसरे आरोपी कृष्ण लाल, अवतार सिंह, सबदिल और जसबीर सिंह को अदालत में पेश किया गया।
नियमानुसार जज ने दोषियों को केस का ब्यौरा पढक़र सुनाया और बताया कि जांच में किस-किस व्यक्ति को किस-किस आधार पर दोषी करार दिया गया है। जज द्वारा ब्यौरा पेश करने के बाद नियमानुसार दोषियों को सजा सुनाए जाने से पहले अंतिम बार पूछा गया कि क्या वह अपने बचाव में कुछ कहना चाहते हैं।
इसके बाद गुरमीत राम रहीम ने जज को कहा कि वह अपने वकीलों के माध्यम से अपनी बात रखना चाहते हैं। राम रहीम के वकीलों ने जज के सामने एक आठ पन्नों का दया पत्र रखा। जिस पर राम रहीम के हस्ताक्षर थे। इस बीच लंच टाइम में अदालत की कार्यवाही स्थगित हो गई।
लंच टाइम के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। अदालत में राम रहीम का आवेदन पढक़र सुनाया गया। जिसमें उसने कहा कि वह सफाई अभियान चलाने, सेना के लिए रक्तदान शिविर आयोजित करने, जरूरतमंद लड़कियों की शादी करने के अलावा पौधारोपण जैसे कार्य करता रहा है। इस पत्र में राम रहीम ने डेरा मुखी की गद्दी पर होते हुए किए गए सभी सामाजिक कार्यों का विवरण दिया। इसके बाद जज ने वीसी से जुड़े राम रहीम से सवाल जवाब किया तो वह रो पड़ा और अपने किए पर पछतावा होने का तर्क देते हुए कहा कि उसे सजा सुनाए जाने से पहले जनहित में किए गए कार्यों को भी देखा जाए। राम रहीम ने अदालत में अपील की कि वह पहले ही दो केसों में सजा काट रहा है। इसलिए उसे कम से कम सजा सुनाई जाए। इसके बाद जज ने रंजीत सिंह हत्याकांड में सजा सुनाने के लिए 18 अक्टूबर का दिन तय किया है।
 
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