National

कैंसर व एचआईवी पीडि़तों को अगले माह पेंशन देने की तैयारी

October 17, 2021 12:55 PM


चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में कैंसर व एचआईवी पीडि़तों को पेंशन देने की तैयारी कर ली है। इस योजना को हरियाणा दिवस के अवसर अथवा मनोहर सरकार के सात साल पूरे होने पर लागू किया जा सकता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इस बारे में स्वास्थ्य विभाग से फाइनल रिपोर्ट मांग ली है। जिसके आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
हरियाणा सरकार ने करीब दो साल पहले कैंसर तथा एचआईवी पीडि़तों को मासिक पेंशन देने का ऐलान किया था।

सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से मांगी रिपोर्ट
कैंसर व एचआईवी के ज्यादातर रोगी करवा रहे हैं निजी अस्पतालों में इलाज


जिसे लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से दोनों बीमारियों से संबंधित लोगों का ब्यौरा मांगा गया। इस बीच कोरोना के चलते प्रदेश में सभी गतिविधियां बंद हो गई। कोरोना की पहली लहर समाप्त होने के बाद दूसरी लहर शुरू हो गई। जिसके चलते प्रदेश में कैंसर रोगियों तथा एचआईवी पॉजिटिव रोगियों की संख्या में बदलाव हो गया।
कोरोना की दूसरी लहर समाप्त होने के बाद सरकार ने अब कैंसर रोगियों तथा एचआईवी पीडि़तों को पेंशन देने की तैयारी कर ली है। हरियाणा की मनोहर सरकार के 27 अक्टूबर को सत्ता के सात साल पूरे हो रहे हैं। एक नवंबर को हरियाणा दिवस भी है। ऐसे में प्रदेश सरकार पेंशन भोगियों में दो नई श्रेणियों को शामिल करने की तैयारी कर ली है।
इस योजना को लागू करने में बड़ा पेंच यह है कि प्रदेश में इन दोनों बीमारियों से संबंधित ज्यादातर लोग जिला अस्पतालों में जाने की बजाए पीजीआई रोहतक तथा जयपुर, दिल्ली व गुरुग्राम के निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। जिसके चलते सरकार को इनकी वास्तविक जानकारी जुटाने में दिक्कत आ रही है।

हरियाणा सरकार द्वारा कैंसर रोगियों तथा एचआईवी पीडि़तों को सामान्य श्रेणी के पेंशन भोगियों की तर्ज पर ही पेंशन दी जाएगी। प्रदेश में इस समय अन्य श्रेणियों को 2500 रुपये प्रति माह पेंशन मिल रही है। इसी प्रकार इन दोनों श्रेणी के लोगों को पेंशन दी जाएगी। भविष्य सरकार पेंशन वृद्धि के लिए जो फैसला अन्य श्रेणियों के लिए लेगी वही इन पर भी लागू होगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कैंसर रोगियों तथा एचआईवी पॉजिटिव को पेंशन देने के लिए तैयार है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डाटा सौंपने के बाद इसे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। इसे लेकर सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी हो चुके हैं।  

ओ.पी. यादव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री

 
Have something to say? Post your comment