Punjab

पंजाब में ईसाइयों ने शुरू किया धर्म परिवर्तन

October 13, 2021 11:05 PM

चंडीगढ़। पंजाब में करीब दो दशक बाद एक फिर से धर्म परिवर्तन का अभियान शुरू हो गया है। ईसाई मिशनरियों ने राज्य के कई जिलों में यह अभियान चलाया हुआ है। इसमें सिखों के एक विशेष समुदाय के लोग आकर्षित होकर धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। वहीं अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने भी इन घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए सिख कौम को एकजुट होने की अपील की है।
पंजाब में 1990 के दशक में ईसाई मिशनरियों ने धर्म परिवर्तन का अभियान शुरू किया था। उस समय ईसाइयों ने पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर, जालंधर, फगवाड़ा आदि के क्षेत्रों में भारी संख्या में धर्म परिवर्तन करवाया था। करीब दो दशक शांत रहने के बाद यह अभियान फिर से शुरू हो गया है। इस बार निशाने पर सिखों का एक विशेष समुदाय है। जिसके लोगों को उनके बच्चों को महंगे स्कूलों में मुफ्त शिक्षा प्रदान करने, प्रति व्यक्ति धर्म परिवर्तन के बदले मोटी धनराशि देने जैसे लालच दिए जा रहे हैं।
शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी की अध्यक्षा बीबी जागीर कौर ने कहा कि उनके संज्ञान में भी यह मामला आया है। कुछ संगठन न केवल सिखों बल्कि हिंदुओं को भी प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। एसजीपीसी ने फैसला किया है कि इस संबंध पंजाब में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। एसजीपीसी के सभी पदाधिकारियों, स्कूल व कालेज प्रबंधकों तथा सेवादारों को निर्देश जारी किए गए हैं जो लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं उन्हें वापस सिख धर्म में शामिल किया जाएगा।
सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञान हरप्रीत सिंह के अनुसार ईसाई मिशनरी पिछले कुछ वर्षों से सीमावर्ती इलाकों में जबरन धर्म परिवर्तन के लिए एक अभियान चला रही हैं। निर्दोष लोगों को ठगा जा रहा है। धर्म परिवर्तन के लिए लालच दिया जा रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जबरन धर्मांतरण का मुकाबला करने के एक अभियान शुरू किया है। जिसमें सिख प्रचारक अपने धर्म पर साहित्य बांटने के लिए गांवों का दौरा कर रहे हैं।
 
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