Haryana

शिक्षण संस्थाओं की मदद से हरियाणा में चलेगी नारकोटिक्स कंट्रोल मुहिम

September 22, 2021 10:44 AM
चंडीगढ।  विश्वविद्यालयों व शिक्षण संस्थाओं के सहयोग से हरियाणा को पूरी तरह नारकोटिक्स अपराध मुक्त किया जा सकता है, इसलिए राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो राज्य के सरकारी व निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों तथा शिक्षण संस्थाओं से जुडक़र मादक पदार्थों की तस्करी व अवैध प्रयोग को रोकने के लिए प्रभावी अभियान चलाएं। 
यह बात हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने मंगलवार को राजभवन में उनसे मिलने आए राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के एडीजीपी श्रीकांत जाधव से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि ब्यूरो के अधिकारी शिक्षण संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में मादक निषेध के लिए युवाओं को जागृत करें। उन्होंने कहा कि इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन व शिक्षण संस्थाओं का प्रशासनिक ढांचा बेहद कारगर सिद्ध हो सकता है।

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राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने-अपने सूचना तंत्र, सोशल मीडिया तथा मीडिया के दूसरे साधनों जिनमें नाटक, रैलियों व स्किट आदि के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी व अवैध प्रयोग को रोकने में बेहतर ढंग से कार्य कर सकते हैं। विश्वविद्यालयों में पढऩे वाले छात्र शहरी, गांव व अन्य दूर दराज के क्षेत्रों में उपरोक्त माध्यमों से प्रभावी संदेश देकर लोगों में नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा कर सकते हैं। 
राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के ए.डी.जी.पी. श्रीकांत जाधव ने बताया कि हरियाणा में केन्द्र की तर्ज पर राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो स्थापित किया गया है, जो राज्यों में देश का पहला राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो है। उन्होंने बताया कि पूरे हरियाणा राज्य में जिला स्तर पर 17 शाखाएं खोलने की योजना है। अभी तक 12 जिलों में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की शाखाओं की स्थापना की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में स्थापित शाखाओं को पूरी तरह एक्टिवेट कर दिया गया है जो सूचना के आधार पर प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।
 
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