Health

दुर्लभ बीमारियों से मिल रही चुनौतियों का समाधान जरूरी:कंग

January 23, 2021 11:52 AM

चंडीगढ़, 22 जनवरी। नेशनल रूरल हेल्थ मिशन चंडीगढ़ की निदेशक डॉ.अमनदीप कौर कंग ने कहा है कि दुर्लभ बीमारियां अलग प्रकार की चुनौतियां पेश करती हैं और इसके लिए विशेष समाधानों की आवश्यकता है। हमें क्रॉस कंट्री मॉडल से सीखने और हमारे देश के लिए सभी प्रमुख हितधारकों की सक्रिय सहभागिता से उपयुक्त समाधानों को निष्पादित करने की आवश्यकता है।
कंग शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्था पीपल-टू-पीपल हेल्थ फाउंडेशन (पीपीएचएफ) द्वारा आयोजित दूसरे वर्चुअल कंसल्टेशन को संबोधित कर रही थी। उत्तर भारत के लिए वर्चुअल कंसल्टेशन के इस दूसरे संस्करण, ब्लूप्रिंट ऑफ़ रेयर डिज़ीज़ इन इंडिया का आयोजन चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार के सहयोग से किया गया।


पीपीएचएफ ने किया वर्चुअल कंसल्टेशन का आयोजन

 इस पहल का सह-संचालन टेकेडा फार्मास्युटिकल द्वारा तथा समर्थन जापान एम्बेसी, इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ, कोलकाता, जीआरआईडी काउंसिल, एलएसडीएसएस, ओआरडीआई, आरडीआईएफ और क्युर एसएमए फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कंग ने कहा कि दुर्लभ बीमारियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। इस दिशा में लोगों में जागरूकता का अभाव है जिसे दूर किया जाना चाहिए।

दुर्लभ बीमारियों को दूर करने के लिए सहयोग और प्रतिबद्धता बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे पहले अतिथियों का स्वागत करते हुए पीपीएचएफ के सीईओ डॉ. लक्ष्मीकांत पालो ने कहा कि इस कंसल्टेशन का उद्देश्य उत्तर भारत में दुर्लभ बीमारियों से संबंधित प्रमुख चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना और उनसे निपटने के लिए उपयुक्त समाधान प्रस्तावित करना है।
इस अवसर पर के.जी.अनंतकृष्णन, महानिदेशक, ओपीपीआई,डॉ.जी.बी. सिंह, निदेशक, स्वास्थ्य सेवा, पंजाब सरकार ने कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों में अलग-अलग विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

 
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