Haryana

मासूम से हैवानियत पर गुस्‍से में लोग, हजारों लोग सड़कों पर

December 11, 2017 12:27 AM

हिसार ,10  दिसंबर ( न्यूज़ अपडेट इंडिया ) । यहां छह साल की मासूम बच्ची से दिल दहलाने देने वाली हैवानियत ने लाेगों को झकझोर कर रख दिया है। बच्‍ची से दुष्‍कर्म के बाद बेदर्दी से उसकी हत्‍या के विरोध में क्षेत्र के लोग सड़काें पर उतर आए और शव का अंतिम संस्‍कार करने से मना कर दिया। लोग रातभर शव के साथ धरने पर बैठे रहे। रविवार को प्रशासन द्वारा आरोपियों को 48 घंटे में गिरफ्तार करने और पी‍डि़त परिवार के लिए मुआवजे की घोषणा के बाद बच्‍ची का अंतिम संस्‍कार करने को तैयार हुए। घटना के विरोध व शोक में आज शहर में बाजार बंद हैं।

रविवार को प्रशासन ने हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर 48 घंटों का समय मांगा है। पीड़ित परिवार को 10 लाख का मुआवजा देने, बीपीएल कार्ड बनाने और पक्‍का मकान और मुफ्त प्लाट देने की घोषणा की। परिवार के दो सदस्यों को डीसी रेट पर नौकरी देने की घोषणा की गई। इससे प्रशासन ने आठ लाख रुपया, परिवार के एक सदस्‍य को अस्‍थायी नौकरी आैर मकान देने का प्रस्‍ताव दिया था, ले‍किन लोग इसे मानने को तैयार नहीं थे।

बच्‍ची के अंतिम संस्‍कार को लेकर धरनेपर बैठे लोगों से बातचीत करते अधिकारी।

लोेगों की मांग है कि सरकार पीडि़त परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता, परिवार के एक सदस्‍य को स्‍थायी नौकरी अौर पक्‍का मकान दे। इसके साथ ही लोगों ने पीडि़त परिवार की सहायता के लिए पूरे क्षेत्र में चंदा जमा करना शुरू कर दिया है।

शनिवार रातभर अौर रविवार सुबह  भाजपा नेता एवं प्रशासन अंतिम संस्कार करवाने के लिए पीडि़त परिवार को मनाते रहे, लेकिन परिवार को उचित मुआवजा की मांग पर अड़े रहे। लोग धरना देकर बैठ गए। हिसार के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम होने के बाद बच्ची का शव उकलाना पहुंचा। संस्कार के लिए प्रशासन और लोगों के बीच कई दौर की वार्ता चली, लेकिन असफल रही।

लोग रातभर बच्‍ची के शव के साथ धरने पर बैठे र‍हे।

पीडि़त परिवार व लोगों की तरफ से सरकार से मांग की गई थी कि 50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी और पक्का मकान बनाकर दिया जाए। बरवाला के एसडीएम पृथ्वी सिंह ने कहा था कि पीडि़त परिवार को आठ लाख रुपये मुआवजा, ठेके पर एक नौकरी और मकान बनाकर दिलवा दिया जाएगा। इस पर लोग सहमत नहीं हुए। लोगों का कहना था कि वह मुख्यमंत्री के समक्ष सही तरीके से बात रखें। तभी वह बच्ची का अंतिम संस्कार करेंगे। वार्ता विफल होने के बाद परिजन व अन्य लोग टेंट लगा कर धरने पर बैठ गए।

निकाला कैंडल मार्च

बच्‍ची से दरिंदगी के विरोध में उकलाना क्षेत्र के लोगों ने पूरे बाजार में कैंडल मार्च निकाला और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उसके बाद सभी युवा बच्ची के घर पहुंचे और शव के आगे मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी।

लोगाें और बीजेपी नेताओं में हुई खींचतान

बच्ची का शव शाम करीब पांच बजे उकलाना पहुंचा। इसी बीच हरियाणा विमुक्त घुमंतू जाति बोर्ड के चेयरमैन डा. बलवान सिंह व कुछ भाजपा नेता वहां पर पहुंचे और अंतिम संस्कार करवाने के प्रयास किए। बच्ची के शव पर खून से लथपथ कपड़ा देख लोग भड़क गए और भाजपा नेताओं के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। यहां से जाओ, यहां से जाओ के नारे लगाते हुए लाेगों ने उन्‍हे भगा दिया। लोगों की मांग की कि मुख्यमंत्री इस व्यवहार के लिए हरियाणा विमुक्त घुमंतू जाति बोर्ड के चेयरमैन डा. बलवान सिंह को तुरंत बर्खास्त करें।

 शाेक और गुस्‍से में  बाजार बंद

बच्‍ची से दरिंदगी और हत्‍या के विरोध में आज उकलाना में बाजार बंद हैं। मोबाइल यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारी सोनू चोपड़ा ने कहा कि पुलिस आरोपी को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इसके विरोध में आज  बाजार बंद रहेंगे। पूरे उकलाना के लोग बच्‍ची के घर पहुंचेंगे। आज शहर में सभी बाजार बंद हैं और लोगों में गुस्‍सा है।

 
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